सफेद सारस के झुंड ने जैसलमेर रेगिस्तान को बनाया मंत्रमुग्ध

जैसलमेर के धोलिया गांव और भादरिया ओरण क्षेत्र में पहली बार 13 सफेद सारस (व्हाइट स्टॉर्क) का झुंड देखा गया। इससे पहले यहाँ अधिकतम 1–2 जोड़े ही आते रहे हैं।

ईआरडीएस फाउंडेशन के मानद सलाहकार डॉ. सुमित डुकिया और गोडावण मित्र अभिषेक बिश्नोई ने सर्वे के दौरान इन प्रवासी पक्षियों का अवलोकन किया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह जैसलमेर की पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती और प्रवासी पक्षियों के लिए इसे सुरक्षित ठिकाना साबित करता है।

व्हाइट स्टॉर्क जीवनभर एक ही जोड़ा बनाकर रहते हैं और पुराने घोंसलों का पुनः उपयोग करते हैं। यूरोप और मध्य एशिया में पाए जाने वाले ये पक्षी जैसलमेर के खुले घास के मैदानों में विचरण करते दिखाई दिए।

सर्दियों में यहाँ डेमोइसेल क्रेन, फ्लेमिंगो, साइबेरियन हंस और बतख जैसी कई प्रजातियां भी देखी जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर सेंट्रल एशियन फ्लाईवे का अहम हिस्सा हैं, जो प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित और आकर्षक ठिकाना प्रदान करते हैं।

डॉ. डुकिया ने कहा, “संरक्षण प्रयास जारी रहने पर यह क्षेत्र भविष्य में प्रवासी पक्षियों के अध्ययन और इको-टूरिज्म का बड़ा केंद्र बन सकता है।”

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