आठ साल में चार विमान हुए हादसे का शिकार, सरकार सख्त…

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (आईजीआरयूए) ने पिछले आठ वर्षों में चार ट्रेनर विमान हादसों में गंवा दिए। सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में जानकारी दी कि इस दौरान अकादमी के बेड़े में विमान की संख्या घटकर लगभग आधी रह गई है। 2017 में आईजीआरयूए के पास 24 ट्रेनर विमान थे, जबकि फिलहाल केवल 13 विमान ही बचे हैं।
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि विमान घटने की दो प्रमुख वजहें हैं। सात विमानों की निर्धारित सेवा अवधि पूरी हो गई, जबकि चार विमान हादसों में नष्ट हो गए। मंत्री ने कहा कि उड़ान प्रशिक्षण की बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने 2024-25 के लिए अकादमी को नए ट्रेनर विमान खरीदने हेतु 25 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।
पायलट प्रशिक्षण के लिए नए कदम
आईजीआरयूए देश में पायलटों की बढ़ती जरूरत को पूरा करने के लिए अब हफ्ते के सातों दिन उड़ान प्रशिक्षण दे रही है। अकादमी ने अपने मुख्य बेस के अलावा महाराष्ट्र के गोंदिया स्थित बिरसी एयरपोर्ट पर भी स्थायी उड़ान प्रशिक्षण की व्यवस्था शुरू की है। सरकार का कहना है कि आगे अन्य जगहों पर भी अतिरिक्त उड़ान बेस तैयार करने की योजना है, ताकि सालभर लगातार प्रशिक्षण दिया जा सके।





