इस खरीफ सत्र में अब तक 6 लाख टन ज्यादा खाद बिकी, किल्लत की खबरों को सरकार ने आंकड़े जारी कर बताया गलत

लखनऊ:  खरीफ सत्र- 2025 में उत्तर प्रदेश में उर्वरकों की बिक्री काफी बढ़ी है। 11 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक इस खरीफ सत्र 2025 में सोमवार (11 अगस्त) तक 39.40 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री की जा चुकी है, जबकि विगत वर्ष (खरीफ सत्र 2024) में 11 अगस्त तक यह बिक्री 33.42 लाख मीट्रिक टन थी। इस सत्र में अभी तक 5.98 लाख मीट्रिक टन से अधिक की उर्वरकों की बिक्री हो चुकी है। सरकार की ओर से ये आंकड़ें जारी करके दावा किया गया है कि उर्वरकों की सप्लाई में कमी के आरोपों को कृषि विभाग के आंकड़े गलत साबित करते हैं।

किस उर्वरक की कितनी बिक्री?
1- यूरियाः 2024 में उत्तर प्रदेश में यूरिया की मांग 38 लाख मीट्रिक टन थी। खरीफ सत्र 2025 में इसकी जरूरत 39.92 लाख मीट्रिक टन है। 11 अगस्त 2025 तक 28.98 लाख मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री की जा चुकी है। 2024 में 11 अगस्त तक 24.53 लाख मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री हुई थी।

2- डीएपीः प्रदेश में खरीफ सत्र 2024 में डीएपी की मांग 9.05 लाख मीट्रिक टन थी। 2025 में यह बढ़कर 10 लाख मीट्रिक टन हुई। 11 अगस्त तक 5.11 लाख मीट्रिक टन डीएपी की बिक्री की जा चुकी है। 2024 में 11 अगस्त तक 5.02 लाख मीट्रिक टन डीएपी की बिक्री हुई थी।
3- एनपीके (नाइट्रोजन, फ़ॉस्फोरस व पोटेशियम मिश्रण): प्रदेश में खरीफ सत्र 2024 में एनपीके की मांग छह लाख मीट्रिक टन थी। इसकी बिक्री 1.88 लाख मीट्रिक टन रही, जो इस सत्र में बढ़कर 11 अगस्त तक 2.25 लाख मीट्रिक टन है।

4- एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश): प्रदेश में खरीफ सत्र-2024 में एमओपी की मांग 0.47 लाख मीट्रिक टन थी। इस वर्ष बढ़कर यह 1.25 लाख मीट्रिक टन हो गई है। पिछले साल इसकी बिक्री 0.23 लाख मीट्रिक टन रही। इस वर्ष अभी 11 अगस्त तक ही 0.43 लाख मीट्रिक टन बिक्री हो गई है।

5- एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट): पिछले खरीफ सत्र में 11अगस्त तक एसएसपी की बिक्री जहां 1.76 लाख मीट्रिक टन थी। वहीं 2025 में इसकी बिक्री बढ़कर अब तक 2.63 लाख मीट्रिक टन हो चुकी है।

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