कोलंबियाई राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार Miguel Uribe की मौत, चुनावी रैली के दौरान बनाया गया था निशाना

कोलंबिया की राजनीति को हिला देने वाली घटना में, दक्षिणपंथी विपक्ष के संभावित राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और सीनेटर मिगुएल उरीबे की सोमवार को मौत हो गई। 39 वर्षीय उरीबे को 7 जून को राजधानी बोगोटा में एक चुनावी रैली के दौरान गोली मारी गई थी। उन्हें तीन गोलियां लगीं, जिनमें से दो सिर पर थीं।

कोलंबियाई पुलिस ने जुलाई में इस हमले के मामले में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया था, जिनमें एक 15 वर्षीय नाबालिग शूटर भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, इस हमले की योजना एल्डर जोस आर्तेआगा हर्नान्देज ने बनाई थी, जो लंबे आपराधिक रिकॉर्ड वाला अपराधी है और इंटरपोल की सूची में भी दर्ज है। हर्नान्देज ने हमले से पहले, हमले के दौरान और बाद की पूरी रणनीति तय की थी।

हमले की साजिश और पैसों का सौदा
कोलंबिया के रक्षा मंत्री पेद्रो सांचेज ने बताया कि हर्नान्देज ने इस हमले की सुपारी लगभग 2.5 लाख अमेरिकी डॉलर के बराबर रकम में दी थी। पुलिस के अनुसार, उसने शूटर को भर्ती किया और हथियार उपलब्ध कराए। इस घटना ने देश में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर चुनावी रैलियों के दौरान नेताओं की सुरक्षा को लेकर।

राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं और चुनावी दौड़
मिगुएल उरीबे, डेमोक्रेटिक सेंटर पार्टी के सदस्य थे और उन्होंने अक्टूबर 2023 में 2026 के राष्ट्रपति चुनाव में उतरने का ऐलान किया था। वे कोलंबिया में दक्षिणपंथी राजनीति के उभरते चेहरे माने जाते थे। उनकी मौत से पार्टी और समर्थकों को बड़ा झटका लगा है। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि कोलंबिया की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला है।

जांच जारी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
पुलिस अभी भी मामले में गहराई से जांच कर रही है, ताकि हमले के सभी पहलुओं को उजागर किया जा सके। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस घटना की निंदा की है और कोलंबिया से राजनीतिक हिंसा पर कड़ा रुख अपनाने की अपील की है। इस हत्या ने देश में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता पर नए सिरे से बहस छेड़ दी है।

Related Articles

Back to top button