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मध्य प्रदेश के धार में प्रस्तावित वराह मार्च को लेकर पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते प्रशासन ने आयोजन की अनुमति निरस्त कर दी है। पुलिस ने मार्च से जुड़े अब तक 12 लोगों को हिरासत में लिया है। शहर में 1000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस पिकेट लगाने के साथ सीसीटीवी, ड्रोन और ऊंची इमारतों से निगरानी की जा रही है।

तनाव की आशंका को देखते हुए पीजी कॉलेज मैदान को पूरी तरह सील कर दिया गया है। यहां लोगों के प्रवेश और जमावड़े को रोकने के लिए चारों ओर पुलिस बल तैनात किया गया है। कॉलेज परिसर में अस्थायी जेल भी बनाई गई है। वहीं, गंजीखाना स्थित पुरातत्व संरक्षित परिसर को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने मंगलवार को आमजन के लिए बंद रखा है।

बाइक रैली निकालने की थी तैयारी

दरअसल, सनातन प्रहरी समिति की ओर से वराह मार्च निकालने की तैयारी की गई थी। प्रस्तावित बाइक रैली पीजी कॉलेज मैदान से शुरू होकर विजय मंदिर यानी लाट मस्जिद तक जानी थी।

विजय मंदिर को वर्ष में दो बार खोला जाता है। एक बार हिंदू समाज के लिए दशहरे के अवसर पर और दूसरी बार मुस्लिम समाज के लिए ईद के मौके पर। समिति की मांग थी कि इन दोनों अवसरों के अलावा भी लोगों को यहां दर्शन की अनुमति दी जाए। इसी प्रस्तावित मार्च को लेकर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की है।

PG कॉलेज मैदान सील, अस्थायी जेल बनाई

पुलिस ने पीजी कॉलेज मैदान को चारों तरफ से घेरकर सील कर दिया है, ताकि यहां मार्च में शामिल होने के लिए लोगों की भीड़ जमा न हो सके। पुलिस के मुताबिक शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों के अलावा ड्रोन और ऊंची इमारतों से भी लगातार निगरानी की जा रही है।

मार्च के प्रस्तावित रूट पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है। प्रमुख चौराहों और पीजी कॉलेज मैदान के आसपास फिक्स पुलिस पिकेट लगाए गए हैं। मोबाइल वैन के जरिए लगातार गश्त की जा रही है।

दो दर्जन थाना प्रभारी समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल

सीएसपी शशांक सिंह गुर्जर के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए आयोजन की अनुमति रद्द की गई है। उन्होंने शहरवासियों से शांति बनाए रखने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।

सुरक्षा व्यवस्था में करीब दो दर्जन थाना प्रभारी, 10 एसडीओपी और डीएसपी स्तर के अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल लगाया गया है।

मार्च से जुड़े 12 लोग हिरासत में

प्रशासन की सख्ती के बीच मंगलवार सुबह पुलिस ने वराह मार्च से जुड़े कई पदाधिकारियों को हिरासत में लिया। इनमें विकास जाट, लोकेश यादव, आशीष बसु, सत्यनारायण रघुवंशी उर्फ टू-टू ठाकुर, संदीप यादव, बाला उर्फ विक्रम, बाला उर्फ स्वप्निल सितौले, दीपक उर्फ रोहित सांठे और सत्यतम पिता सुखराम निवासी धामनोद शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, अब तक कुल 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

विजय मंदिर-लाट मस्जिद परिसर बंद

तनाव की आशंका को देखते हुए ASI ने गंजीखाना स्थित पुरातत्व संरक्षित इमारत को मंगलवार को आमजन के लिए बंद रखने का आदेश दिया है। विभाग ने अनधिकृत प्रवेश या किसी भी गतिविधि पर प्राचीन संस्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है।

यह ऐतिहासिक स्थल हिंदू पक्ष में विजय मंदिर और मुस्लिम समाज में लाट मस्जिद के नाम से जाना जाता है। प्रस्तावित मार्च इसी स्थल तक ले जाने की घोषणा की गई थी।

बाहरी लोगों से धार नहीं आने की अपील

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन की ओर से बाहरी लोगों से फिलहाल धार नहीं आने की अपील की गई है।

प्रस्तावित मार्च के समय सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया जाएगा। पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना है।

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