दिनेश एमएन बोले— मुश्किल वक्त में भी नहीं टूटा हौसला, अब वही बना मेरी सबसे बड़ी ताकत

उदयपुर में एडीजी (एसीबी) दिनेश एमएन ने अपने संघर्ष भरे दिनों को याद करते हुए कहा कि “इस हवन (काम) को करते-करते हमारा हाथ ही नहीं जला, बल्कि हम खुद ही जल गए थे।” उन्होंने कहा कि जेल के दिनों में कोई चुटकुले सुनाता था, कोई डांस करता और कोई गाना गाता था— इसी तरह सबने मिलकर मुश्किल वक्त को पार किया।

एडीजी दिनेश एमएन ‘सागवान’ फिल्म के ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि जब वे जेल में थे, तब गुजरात पुलिस उन्हें और उनकी टीम को उदयपुर कोर्ट में पेशी के लिए लाती थी। कई बार रात में डेढ़-दो बजे पहुंचने पर भी उदयपुर के लोगों ने प्यार और सम्मान दिया।

उन्होंने बताया, “यहां के लोग हमारी टीम के लिए खाना तक बनाकर लाते थे। ऑटो वालों से लेकर बड़े लोगों तक, सभी ने जो प्यार दिया, उसी से हम दोबारा खड़े हो पाए।”

कार्यक्रम में एडीजी दिनेश एमएन अपनी बेटी के साथ पहुंचे थे।

विधायक फूलसिंह मीणा बोले— सीबीआई ने बुलाया तो घबरा गया था

कार्यक्रम में मौजूद उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने कहा कि “काम एक हवन की तरह है, मैं भी इस हवन में जलते-जलते बचा था।” उन्होंने बताया कि एक मामले में सीबीआई ने उन्हें जयपुर बुलाया था, तब वे दो साथियों और दो वकीलों को लेकर पहुंचे थे।
उन्होंने मजाक में कहा— “मैंने वकीलों से कहा था कि छुड़ा लेना वरना एमएन साहब के साथ जेल में रहना पड़ेगा।”

‘सागवान’ मूवी की कहानी— वास्तविक केस पर आधारित

‘सागवान’ फिल्म की कहानी दक्षिणी राजस्थान के आदिवासी इलाकों में फैले अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की काली सच्चाई को दिखाती है। इसमें दिखाया गया है कि एक तांत्रिक के कहने पर सिद्धि पाने के लिए नाबालिग बच्चियों की हत्या की जाती है।
इस केस की जांच उदयपुर सीआई हिमांशु सिंह ने की थी, जिन्होंने फिल्म की कहानी और डायलॉग खुद लिखे हैं। फिल्म में सयाजी शिंदे, एहसान खान, मिलिंद गुणाजी और रश्मि मिश्रा जैसे कलाकार नजर आएंगे।

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