10 अरब डॉलर का मानहानि मुकदमा: ट्रंप की गवाही पर क्यों अड़ा BBC, जनवरी 2027 तक टालने की कोशिश का आरोप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटिश प्रसारक BBC के बीच मानहानि का विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। BBC के वकीलों ने फ्लोरिडा की अदालत से मांग की है कि ट्रंप को अपने ही मुकदमे में बयान दर्ज कराने के लिए मजबूर किया जाए। ट्रंप ने BBC के खिलाफ 10 अरब डॉलर के हर्जाने का मुकदमा दायर किया है। BBC का आरोप है कि ट्रंप की टीम बार-बार बयान की तारीख टाल रही है, जिससे मामले में जरूरी सबूत जुटाने में परेशानी हो रही है।
जनवरी 2027 तक बयान टालना चाहते हैं ट्रंप
BBC के वकीलों के मुताबिक, दोनों पक्ष 16 अक्टूबर 2026 को ट्रंप का बयान दर्ज कराने पर सहमत हुए थे। हालांकि, ट्रंप के वकीलों ने राष्ट्रीय महत्व के अन्य मामलों का हवाला देते हुए इस तारीख को रद्द कर दिया। BBC का कहना है कि ट्रंप की टीम ने अब जनवरी 2027 के दूसरे या तीसरे सप्ताह में बयान दर्ज कराने की बात कही है।
BBC के वकील चार्ल्स डी. टोबिन ने अदालत को बताया कि मामले में सबूत जुटाने की समय-सीमा 18 दिसंबर को समाप्त हो रही है। ऐसे में जनवरी में बयान होने से BBC को अपना बचाव तैयार करने में मुश्किल हो सकती है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद BBC की डॉक्यूमेंट्री ‘ट्रंप: ए सेकंड चांस’ से जुड़ा है। इसमें 6 जनवरी 2021 को ट्रंप द्वारा अपने समर्थकों को दिए गए भाषण के अलग-अलग हिस्सों को जोड़कर दिखाया गया था। उसी दिन ट्रंप के समर्थकों ने अमेरिकी संसद भवन कैपिटल पर हमला किया था।
ट्रंप का आरोप है कि डॉक्यूमेंट्री की एडिटिंग से ऐसा गलत संदेश गया कि उन्होंने सीधे अपने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाया था। उन्होंने BBC पर मानहानि और भ्रामक व्यापारिक गतिविधियों का आरोप लगाते हुए 10 अरब डॉलर के हर्जाने की मांग की है।
BBC ने मांगी थी माफी
BBC ने स्वीकार किया था कि भाषण के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने से भ्रामक प्रभाव पैदा हुआ। प्रसारक ने इस एडिटिंग के लिए ट्रंप से माफी भी मांगी थी। विवाद के बाद BBC के महानिदेशक और समाचार प्रमुख ने इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, BBC ने ट्रंप के मानहानि के आरोपों को खारिज किया है।
ट्रंप की टीम ने क्या कहा?
ट्रंप की कानूनी टीम के प्रवक्ता ने बयान टालने के कारणों पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति BBC को कथित मानहानि और अमेरिकी चुनाव में लापरवाही से हस्तक्षेप करने के लिए जवाबदेह ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।
अब अदालत को यह तय करना है कि ट्रंप के बयान की तारीख तय कराने के लिए क्या आदेश दिया जाए। इस मामले में अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को निर्धारित बताई गई है।





