चंदा चोरी के बाद राम मंदिर की व्यवस्था बदली: नकदी का पूरा हिसाब डिजिटल, गणनास्थल पर कड़ी निगरानी

राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी की घटना के बाद श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की पूरी व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। अब चढ़ावे की गिनती से लेकर बैंक तक नकदी पहुंचने की पूरी प्रक्रिया कैमरों की निगरानी में होगी। पैसे का हिसाब भी पूरी तरह डिजिटल रखा जाएगा।

चार जून की घटना के बाद ट्रस्ट ने व्यक्ति आधारित व्यवस्था को कम करते हुए तकनीक और संस्थागत निगरानी पर जोर दिया है। मंदिर प्रबंधन में पहली बार सीईओ की नियुक्ति भी की गई है।

गणनास्थल पर बढ़ाई गई सुरक्षा

चढ़ावे की गिनती करने वाले कर्मचारियों के लिए जेब रहित वर्दी अनिवार्य कर दी गई है। गणनास्थल पर प्रवेश और निकास के समय तलाशी होगी और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी।

पहले CCTV फुटेज 45 दिन तक सुरक्षित रखी जाती थी, जिसे अब 180 दिन तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है। निगरानी के लिए PTZ कैमरे लगाए गए हैं, जो घूमकर और जूम करके भी निगरानी कर सकते हैं।

गणनास्थल पर 13 नए कैमरे और 27 अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। अब वहां केवल 43 अधिकृत लोग ही मौजूद रह सकेंगे।

चढ़ावे का हिसाब पूरी तरह डिजिटल

चढ़ावे की रकम का लेखा-जोखा अब सीए की निगरानी में डिजिटल तरीके से रखा जाएगा। इसके लिए स्थायी सीए की नियुक्ति की गई है और नई सीए टीम भी बनाई गई है।

बैंक से जुड़े लेनदेन के लिए कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका, मुख्य अभियंता जगदीश आफले और सीए चंदन राय के संयुक्त हस्ताक्षर जरूरी होंगे।

बैंक तक भी कैमरों की निगरानी

अब मंदिर से बैंक तक नकदी SBI के वाहन से ही ले जाई जाएगी। दान काउंटर से बैंक तक नकदी पहुंचाने के हर चरण की वीडियोग्राफी होगी।

इसके अलावा, 36 संविदा कर्मचारियों की जगह अब नकदी की गिनती के लिए बैंक के कर्मचारियों को लगाया गया है।

सितंबर के अंत तक SIT रिपोर्ट

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए गठित नई SIT ने जांच तेज कर दी है। जेल में बंद आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर नए नामों का सत्यापन किया जा रहा है।

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, SIT सितंबर के अंत तक अपनी अंतिम रिपोर्ट शासन और सुप्रीम कोर्ट को सीलबंद लिफाफे में सौंप सकती है।

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