यूएन में जयशंकर-गुटेरेस की अहम मुलाकात, पश्चिम एशिया से यूक्रेन तक कई मुद्दों पर मंथन

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की। यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सप्ताह के समापन के दौरान हुई। दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, यूक्रेन युद्ध और मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

बैठक के दौरान पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उसके व्यापक प्रभावों को लेकर विचार-विमर्श किया गया। दोनों पक्षों ने इस बात पर भी चर्चा की कि विभिन्न क्षेत्रों में जारी संघर्षों का ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ने वाले प्रभाव को किस तरह कम किया जा सकता है।

जयशंकर ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात कर खुशी हुई। बातचीत मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और इसके प्रभावों को कम करने की आवश्यकता पर केंद्रित रही।

यूक्रेन युद्ध और वैश्विक हालात पर भी चर्चा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के कार्यालय की ओर से जारी बैठक के विवरण के अनुसार, गुटेरेस और जयशंकर ने बहुपक्षवाद तथा भारत और संयुक्त राष्ट्र के बीच सहयोग से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। इसके अलावा दोनों नेताओं ने मौजूदा भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर विचार साझा किए। इनमें यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया की स्थिति प्रमुख रूप से शामिल रही।

बैठक ऐसे समय में हुई है जब दुनिया के कई हिस्सों में लंबे समय से संघर्ष और तनाव जारी हैं। इन परिस्थितियों का वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और विकासशील देशों पर भी असर पड़ रहा है। ऐसे में ग्लोबल साउथ के हितों और संघर्षों के प्रभाव को कम करने से जुड़े मुद्दे बातचीत का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे।

गुटेरेस का कार्यकाल दिसंबर में होगा समाप्त

एंटोनियो गुटेरेस का संयुक्त राष्ट्र महासचिव के रूप में दूसरा पांच वर्षीय कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाला है। संयुक्त राष्ट्र महासभा का मौजूदा हाई-लेवल सप्ताह उनके महासचिव पद के कार्यकाल का आखिरी उच्च स्तरीय सप्ताह रहा।

इससे पहले शनिवार को संयुक्त राष्ट्र में आम बहस के दौरान भारत की ओर से विदेश मंत्री जयशंकर ने गुटेरेस के कार्यकाल और उनकी सेवाओं की सराहना की थी। जयशंकर ने बहुपक्षवाद के लिए गुटेरेस की वर्षों की सेवा का उल्लेख करते हुए उनके योगदान को रेखांकित किया था।

जयशंकर ने विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए गुटेरेस के ‘मिशन लाइफ’ के समर्थन का भी उल्लेख किया था। भारत ने इस पहल में गुटेरेस के व्यक्तिगत समर्थन को महत्वपूर्ण बताया है।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत आए थे गुटेरेस

गुटेरेस इस महीने की शुरुआत में ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत भी आए थे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के तौर पर अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में वह विभिन्न देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं।

वहीं, जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई-लेवल सप्ताह के दौरान कई देशों के विदेश मंत्रियों और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। उन्होंने एक बातचीत के दौरान बताया था कि व्यस्त सप्ताह में उन्होंने करीब 85 से 90 समकक्षों के साथ मुलाकात की।

जयशंकर और गुटेरेस की बैठक में भारत-यूएन सहयोग, बहुपक्षवाद और वैश्विक स्तर पर बदलते भू-राजनीतिक हालात के साथ-साथ पश्चिम एशिया और यूक्रेन से जुड़े संघर्षों पर चर्चा इस मुलाकात के प्रमुख बिंदु रहे।

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