देहरादून में हैरान करने वाली साजिश: 20 दिन घर में रहकर बनाया भरोसा, फिर साथियों संग दिया वारदात को अंजाम

विजय पार्क में भाजपा पार्षद अमिता सिंह के घर हुई लूट की जांच में पुलिस के सामने वारदात की सुनियोजित तैयारी से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, घर में काम करने वाले भरत ने करीब 20 दिन में परिवार का भरोसा जीता और इसके बाद कथित तौर पर साथियों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई।

जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने परिवार को नशीला पदार्थ देने से लेकर घर में घुसने, सामान खंगालने और वारदात के बाद फरार होने तक की तैयारी पहले से कर रखी थी। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने घर और परिवार की दिनचर्या की जानकारी जुटाने के बाद पूरी योजना तैयार की।

खाने में मिलाया नशीला पदार्थ

पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात करीब साढ़े नौ से 10 बजे के बीच भरत ने परिवार के सदस्यों को खाना खिलाया। खाना खाने के कुछ देर बाद पार्षद अमिता सिंह, उनके पति महिपाल सिंह और बेटे शुभम गहरी नींद में चले गए।

परिवार को अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि खाने में कौन सा नशीला पदार्थ मिलाया गया था। पुलिस के मुताबिक, भरत ने परिवार के पूरी तरह बेसुध होने का इंतजार किया। इसके बाद उसने अपने साथियों को घर के अंदर बुलाया।

सब्बल और रॉड लेकर पहुंचे थे आरोपी

जांच में पुलिस को आरोपियों की तैयारी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं। आरोपियों के पास सब्बल और रॉड जैसे औजार थे। इससे पुलिस को आशंका है कि घर में प्रवेश करने और लॉकर तोड़ने की तैयारी पहले से की गई थी।

पुलिस का मानना है कि अगर परिवार के किसी सदस्य ने उस समय विरोध किया होता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

रात में खुली महिपाल की आंखें

रात करीब 1:20 बजे महिपाल सिंह की नींद घर में हो रही खटपट की आवाज से खुली। उन्होंने भरत के अलावा दो अन्य लोगों को घर के अंदर देखा। महिपाल ने जब इस बारे में पूछा तो भरत ने उन्हें सो जाने और खुद काम करने की बात कही।

नशीले पदार्थ के असर के कारण महिपाल दोबारा सो गए। इसी दौरान आरोपियों ने घर में रखे सामान को खंगाला और लॉकर तोड़ दिया। इसके बाद आरोपी गहने, नकदी और लाइसेंसी पिस्टल लेकर फरार हो गए।

सीसीटीवी में दिखे पांच आरोपी

पुलिस को वारदात के बाद की सीसीटीवी फुटेज भी मिली है। फुटेज में पांच लोग घर से निकलकर अलग-अलग दिशा में भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। इनमें चार एक दिशा में और एक दूसरी दिशा में जाता नजर आ रहा है।

पुलिस इसे जांच को भटकाने की संभावित रणनीति के तौर पर भी देख रही है। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है।

भरत के संपर्कों की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अब भरत के संपर्कों, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि भरत को घर में काम पर कैसे रखा गया था और उसके संपर्कों के बारे में पहले से क्या जानकारी थी।

सीओ अंकित कंडारी के अनुसार, पुलिस मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

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