कांग्रेस की न्याय यात्रा आज से, बदरीनाथ धाम और गोल्ज्यू मंदिर से शुरुआत कर जनता के बीच पहुंचेगी पार्टी

उत्तराखंड में कांग्रेस प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को लेकर 22 से 26 अक्तूबर तक न्याय यात्रा निकालेगी। गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में आयोजित होने वाली इस यात्रा की शुरुआत बदरीनाथ धाम और अल्मोड़ा स्थित गोल्ज्यू मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ होगी। कांग्रेस का कहना है कि इस अभियान के जरिए प्रदेश की जनता की समस्याओं को उठाने के साथ भाजपा सरकार की नीतियों का विरोध किया जाएगा।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के मुताबिक, यात्रा के दौरान बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न और बिगड़ती कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। पार्टी के वरिष्ठ नेता अपने-अपने क्षेत्रों में यात्रा में शामिल होंगे और लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनेंगे।
बदरीनाथ और गोल्ज्यू मंदिर से होगी शुरुआत
22 अक्तूबर को चमोली जिले के बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना के बाद गढ़वाल मंडल में न्याय यात्रा शुरू होगी। वहीं, कुमाऊं मंडल में अल्मोड़ा स्थित गोल्ज्यू मंदिर में पूजा-अर्चना कर यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। इसके बाद यात्रा विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए आगे बढ़ेगी।
योजना के अनुसार, हरिद्वार और ऋषिकेश से होते हुए यात्रा में शामिल वरिष्ठ नेता 26 अक्तूबर को गैरसैंण पहुंचेंगे। इसके अगले दिन यानी 27 अक्तूबर को विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
बेरोजगारी और महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं और महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। पार्टी का कहना है कि महंगाई, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था की स्थिति से आम जनता परेशान है।
कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कांग्रेस भवन में जिला और महानगर पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें न्याय यात्रा की तैयारियों और कार्यक्रम को लेकर चर्चा की गई।
जनता के मुद्दों को उठाने का दावा
कांग्रेस के मुताबिक, न्याय यात्रा केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता के अधिकारों, सम्मान और न्याय की लड़ाई का अभियान है। पार्टी इस यात्रा के जरिए सरकार की नीतियों और कथित विफलताओं को जनता के बीच ले जाने के साथ लोगों की समस्याओं को भी सुनेगी।
यात्रा के माध्यम से कांग्रेस आगामी विधानसभा घेराव से पहले प्रदेश में जन मुद्दों को लेकर राजनीतिक माहौल बनाने की तैयारी में है।





