सीएम योगी का शिक्षकों से संवाद, बोले- युवाओं को सही दिशा देने में शिक्षक की भूमिका अहम

राजधानी में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। कार्यशाला में शिक्षा, शिक्षकों की भूमिका, विद्यार्थियों में संस्कार निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नई पीढ़ी के व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार हासिल करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार और संस्कारवान नागरिक तैयार करना भी है।
‘आज का युवा भारत का भाग्य विधाता बनेगा’
सीएम योगी ने कहा कि आज का युवा देश के भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने युवाओं को शिक्षा और संस्कार से जोड़ने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि समाज में ऐसी ताकतों को सफल नहीं होने देना चाहिए, जो लोगों के बीच विभाजन पैदा करती हैं। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का आह्वान किया।
शिक्षा के साथ संस्कार पर जोर
कार्यशाला में शिक्षकों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों को भी जरूरी बताया।
कार्यक्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार के पदाधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में शिक्षक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यशाला में शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी को बेहतर दिशा देने और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया।





