राम मंदिर निर्माण को लेकर बड़ा अपडेट, 15 नवंबर तक परकोटे और आकर्षक लाइटिंग का काम पूरा करने की तैयारी

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। परिसर में कुल 150 निर्माण कार्यों में से 148 पूरे हो चुके हैं। निर्माण एजेंसी लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने आवश्यक दस्तावेजों के साथ इन कार्यों को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया है। अब परकोटे का निर्माण और मंदिर की बाहरी सजावटी रोशनी का काम प्रमुख रूप से शेष है।
15 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य
मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने शुक्रवार को बैठक के दूसरे दिन निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंदिर के परकोटे का निर्माण और मंदिर व परकोटे की फसाड लाइटिंग 15 नवंबर तक पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस रोशनी के जरिए मंदिर की नक्काशी और वास्तुशिल्प को रात में भी आकर्षक रूप में प्रदर्शित करने की तैयारी है।
बारिश से प्रभावित हुआ काम
नृपेंद्र मिश्र के अनुसार, बारिश के कारण परकोटे की छत पर वॉटरप्रूफिंग और वॉटर ट्रीटमेंट का काम प्रभावित हुआ है। यह कार्य पूरा नहीं होने के कारण परकोटे का हस्तांतरण अभी नहीं हो पाया है। मौसम अनुकूल होने पर निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। काम पूरा होने के बाद तकनीकी जांच और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर इसे ट्रस्ट को सौंपा जाएगा।
ऑडिटोरियम और म्यूजियम के काम की भी होगी समीक्षा
निर्माण समिति की बैठक में मंदिर परिसर के बाहर बन रहे ऑडिटोरियम और म्यूजियम की प्रगति पर भी चर्चा की जाएगी। दोनों परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और निर्माण कार्यों की गति का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही निर्माण एजेंसी से जुड़े भुगतान और अन्य वित्तीय मामलों की समीक्षा भी की जा रही है।
विजय स्तंभ और शहीद स्मारक का निर्माण पूरा
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि विजय स्तंभ और शहीद स्मारक का निर्माण पूरा हो चुका है। हालांकि, इनके परिसर में उद्यान और हॉर्टिकल्चर से संबंधित कुछ कार्य अभी बाकी हैं। वहीं, मध्वाचार्य द्वार का निर्माण लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो गया है। निर्माण समिति विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर शेष कार्यों में आ रही समस्याओं का आकलन करेगी।
जांच के बाद ही होगा निर्माण कार्यों का हस्तांतरण
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद एलएंडटी संबंधित ड्राइंग, डिजाइन, तकनीकी अभिलेख और वित्तीय दस्तावेज ट्रस्ट को सौंपती है। इसके बाद ट्रस्ट के परियोजना इंजीनियर निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हैं। गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और दस्तावेजों की जांच के बाद ही हस्तांतरण स्वीकार किया जाता है।
फिलहाल राम मंदिर परिसर में अधिकांश निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। अब परकोटे का निर्माण, फसाड लाइटिंग और कुछ अन्य शेष कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।





