यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस की रणनीति तेज, प्रियंका गांधी के साथ बैठक में 200 सीटों पर चुनाव लड़ने पर चर्चा

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी करीब 200 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की रणनीति बना रही है। सोमवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई, जिसमें संभावित उम्मीदवारों, प्राथमिकता वाली सीटों और संगठन को मजबूत करने पर चर्चा की गई। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन और सीटों के बंटवारे को लेकर भी मंथन हुआ।
200 सीटों पर दावा पेश करने की तैयारी
कांग्रेस उत्तर प्रदेश की करीब 200 विधानसभा सीटों पर अपनी तैयारी मजबूत करना चाहती है। पार्टी की योजना है कि गठबंधन के दौरान इन सीटों पर अपना दावा पेश किया जाए। हालांकि, सपा के साथ सीटों का अंतिम बंटवारा कितनी सीटों पर होगा, इसका फैसला दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत के बाद ही होगा।
प्रियंका गांधी के साथ प्रदेश के नेताओं की बैठक
सोमवार को दिल्ली में प्रियंका गांधी के साथ उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख नेताओं की बैठक हुई। इसमें प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद शामिल हुए।
बैठक में प्रदेश की विभिन्न विधानसभा सीटों पर पार्टी की स्थिति, चुनावी रणनीति और संगठन के विस्तार पर चर्चा की गई। साथ ही, सपा के साथ संभावित सीट बंटवारे को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ।
अगले सप्ताह शुरू हो सकती है सीट बंटवारे पर बातचीत
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच इंडिया गठबंधन के तहत सीटों को लेकर अगले सप्ताह बातचीत शुरू होने की संभावना है। इसके लिए कांग्रेस एक समिति गठित करने की तैयारी कर रही है। यह समिति सपा और अन्य सहयोगी दलों के साथ समय-समय पर चर्चा करेगी।
प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के मुताबिक, कांग्रेस करीब 200 सीटों पर अपनी तैयारी कर रही है। हालांकि, गठबंधन में सीटों की संख्या और बंटवारे का अंतिम निर्णय आपसी बातचीत के बाद शीर्ष नेतृत्व करेगा।
गठबंधन के बीच कांग्रेस की अपनी रणनीति
कांग्रेस की 200 सीटों पर तैयारी को आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी जहां अपने संगठन को मजबूत करने और ज्यादा सीटों पर दावेदारी की तैयारी में है, वहीं सपा के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत का रास्ता भी खुला है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे पर क्या सहमति बनती है और कांग्रेस को कितनी सीटें मिलती हैं।





