मोदी के दोनों ओर पुतिन-जिनपिंग की तस्वीर बनी चर्चा का केंद्र, BRICS समिट में दिखा बड़ा संदेश

नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एक साथ तस्वीर ने खासा ध्यान खींचा। फैमिली फोटो में मोदी के आसपास पुतिन और जिनपिंग नजर आए। तीनों नेताओं की साथ में मुस्कुराते हुए और हाथ थामे तस्वीरें भी सामने आईं।
यह तस्वीर इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि भारत के रूस और चीन दोनों के साथ रिश्ते रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं, लेकिन दोनों देशों के साथ भारत के सामने अलग-अलग चुनौतियां भी हैं। रूस के साथ भारत की लंबे समय से मजबूत साझेदारी है, जबकि चीन के साथ सीमा विवाद के बावजूद हाल के समय में संबंधों को स्थिर करने की कोशिशें तेज हुई हैं। जिनपिंग की दिल्ली यात्रा सात साल बाद हुई है।
मोदी के दोनों ओर पुतिन और जिनपिंग
BRICS समिट की तस्वीरों में मोदी पुतिन और जिनपिंग के साथ सहज अंदाज में दिखाई दिए। एक तस्वीर में तीनों नेताओं के हाथ जुड़े हुए नजर आए और वे मुस्कुराते हुए दिखे। प्रधानमंत्री मोदी ने भी इन तस्वीरों को साझा किया। यह दृश्य BRICS के भीतर सहयोग और संवाद की भावना को दिखाने वाला माना जा रहा है।
भारत की संतुलित कूटनीति का संकेत
इस तस्वीर को भारत की विदेश नीति के व्यापक संदर्भ में भी देखा जा रहा है। नई दिल्ली रूस के साथ अपने पारंपरिक रिश्तों को बनाए रखते हुए चीन के साथ संबंधों को सामान्य करने की कोशिश कर रही है। साथ ही भारत अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ भी अपने रणनीतिक संबंध मजबूत कर रहा है। ऐसे में मोदी का पुतिन और जिनपिंग के साथ एक ही फ्रेम में नजर आना भारत की संतुलित और स्वतंत्र कूटनीति का प्रतीक माना जा सकता है।
BRICS सम्मेलन में मोदी ने भी संगठन को किसी देश के खिलाफ नहीं बताते हुए सहयोग और साझा हितों पर जोर दिया। सम्मेलन में वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार, ग्लोबल साउथ की चिंताओं और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
सिर्फ फोटो नहीं, कूटनीतिक संदेश
हालांकि केवल तस्वीर के आधार पर किसी बड़े रणनीतिक बदलाव का निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा, लेकिन इसकी टाइमिंग महत्वपूर्ण है। एक तरफ भारत-चीन संबंधों में बातचीत आगे बढ़ रही है, वहीं रूस के साथ भारत की साझेदारी लगातार बनी हुई है। ऐसे में BRICS के मंच पर मोदी-पुतिन-जिनपिंग की गर्मजोशी भरी तस्वीर दुनिया को यह संदेश देती है कि भारत अलग-अलग शक्ति केंद्रों के साथ संवाद बनाए रखने की अपनी नीति पर कायम है।





