देश की परीक्षा व्यवस्था कैसे हो बेहतर?: नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली टास्क फोर्स ने मांगी राय, जानें कैसे दें सुझाव

देश में सार्वजनिक परीक्षाओं की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, मजबूत और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में पहल शुरू की गई है। हाई-पावर्ड टास्क फोर्स (एचपीटीएफ) ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और आम नागरिकों से सुझाव और सिफारिशें मांगी हैं। इच्छुक लोग अपने सुझाव 13 सितंबर 2026 तक भेज सकते हैं।
सार्वजनिक परीक्षाओं में सुधार पर मांगी राय
हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा कर उसे अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए जरूरी सुधारों की दिशा तय करना है। इसके लिए परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न हितधारकों की राय ली जा रही है।
टास्क फोर्स का मानना है कि परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों का अनुभव महत्वपूर्ण है। लोगों से प्राप्त सुझावों के आधार पर परीक्षा प्रणाली में सार्थक सुधारों की दिशा तय करने में मदद मिलेगी।
कौन-कौन भेज सकता है सुझाव?
परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर देश के अलग-अलग वर्गों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इनमें शामिल हैं:
- छात्र
- अभिभावक
- शिक्षक
- आम नागरिक
इनसे परीक्षा प्रक्रिया को अधिक बेहतर, सुरक्षित, पारदर्शी और छात्र हितैषी बनाने के लिए रचनात्मक सुझाव और सिफारिशें देने की अपील की गई है।
चार माध्यमों से भेज सकते हैं अपनी राय
इच्छुक लोग हाई-पावर्ड टास्क फोर्स को अपने सुझाव आधिकारिक माध्यमों से भेज सकते हैं। इसके लिए वेबसाइट, ईमेल, व्हाट्सऐप और टोल-फ्री हेल्पलाइन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
सुझाव भेजने के माध्यम:
- वेबसाइट: examreforms-taskforce.dopt.gov.in
- ईमेल: ExamReformsTaskforce@dopt.gov.in
- व्हाट्सऐप: +91 7827042830 पर “hptf” लिखकर भेजें
- टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-180-4747
- 13 सितंबर तक भेजनी होगी राय
टास्क फोर्स की ओर से सुझाव और सिफारिशें भेजने की अंतिम तारीख 13 सितंबर 2026 तय की गई है। छात्र, अभिभावक, शिक्षक और अन्य नागरिक निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी राय भेज सकते हैं।
इस पहल का मकसद ऐसी सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था तैयार करना है, जो मजबूत, पारदर्शी, बेहतर और छात्रों के हितों को ध्यान में रखने वाली हो। हितधारकों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर परीक्षा प्रणाली में संभावित सुधारों पर आगे विचार किया जाएगा।





