जालसाजों का बड़ा खेल आया सामने: ऑटो चलाने वाले पिता का बेटा डेढ़ साल में बना करोड़पति, पुलिस ने खोला राज

झांसी में साइबर ठगी की रकम को निकालकर उसे यूएसडीटी (क्रिप्टो करेंसी) में बदलने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। प्रेमनगर पुलिस ने शुक्रवार को छह आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि तीन आरोपी अभी फरार हैं। जांच में सामने आया कि गिरोह ने 56 बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की करीब 403 करोड़ रुपये की रकम खपाई।
इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड अरमान के आर्थिक साम्राज्य ने पुलिस को भी हैरान कर दिया। पुलिस के मुताबिक, पिछले साल तक उसके पिता ऑटो चलाते थे और अरमान परिवार के साथ गढ़िया फाटक इलाके के एक छोटे मकान में रहता था। साइबर जालसाजों के संपर्क में आने के बाद उसकी जिंदगी तेजी से बदल गई।
कुछ महीनों में बदली पूरी जिंदगी
पुलिस की जांच के अनुसार, साइबर ठगी के नेटवर्क में शामिल होने के बाद अरमान ने कुछ ही महीनों में प्रेमनगर इलाके में दो फ्लैट खरीद लिए। इसके बाद झांसी के पॉश इलाके में भी घर लिया। अब वह लग्जरी कार से चलता था।
अरमान अपना गेमिंग पैनल भी चलाता था, जिसकी आड़ में वह म्यूल बैंक खाते हासिल करता था। पुलिस ने उसके बैंक खातों की जांच की तो उसके पास करीब 20 करोड़ रुपये की संपत्ति होने की जानकारी सामने आई।
पुलिस के मुताबिक, पिछले महीने अरमान के खाते में हर तीन दिन में करीब 6.75 लाख रुपये क्रेडिट हो रहे थे। उसने सत्यम, अदनान, आदिल, जान पाल, अभिषेक और अर्चित को अपने गिरोह में जोड़ा था। सभी को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं।
403 करोड़ रुपये की मनी ट्रेल सामने आई
प्रेमनगर पुलिस की जांच में 56 बैंक खातों का पता चला, जिनमें साइबर ठगी की करीब 403 करोड़ रुपये की रकम पहुंचाई गई थी। इनमें झांसी के 35 बैंक खाते शामिल थे। पुलिस के अनुसार, गिरोह इन खातों में रकम मंगवाने के बाद उसे अलग-अलग माध्यमों से घुमाता और फिर यूएसडीटी खरीदकर साइबर ठगों तक पहुंचाता था।
पुलिस को अब तक 114 म्यूल खातों का भी पता चला है। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम मंगाने और उसे आगे भेजने के लिए किया जाता था।
क्यों यूएसडीटी का इस्तेमाल करते थे जालसाज?
साइबर जालसाज यूएसडीटी का इस्तेमाल तेजी से रकम एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए करते हैं। अलग-अलग क्रिप्टो वॉलेट के जरिए लेनदेन किए जाने से रकम के मूल स्रोत तक पहुंचना पुलिस के लिए मुश्किल हो जाता है। इसकी कीमत डॉलर के करीब रहने के कारण इसमें बिटकॉइन की तुलना में उतार-चढ़ाव भी कम रहता है।
छह आरोपी गिरफ्तार, तीन की तलाश
प्रेमनगर पुलिस ने दीपक वर्मा उर्फ सत्यम, अदनान हुसैन, आदिल हुसैन, जान पाल, अभिषेक चौधरी और अर्चित श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है। गिरोह का मास्टरमाइंड अरमान, अर्श और मो. फैज अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 500 यूएसडीटी, सात मोबाइल फोन और एक डायरी बरामद की है। जांच में सामने आए नेटवर्क की कड़ियां देश के कई राज्यों तक जुड़ी होने की आशंका है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों और साइबर ठगी की रकम की पूरी मनी ट्रेल खंगाल रही है।





