चारधाम यात्रा: बदरीनाथ के कपाट 16 नवंबर को होंगे बंद, दशहरा पर केदारनाथ धाम की तिथि भी तय

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के समापन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। विजयदशमी के अवसर पर बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने की तिथियों की घोषणा कर दी गई। बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को रात 9 बजकर 37 मिनट पर बंद होंगे, जबकि केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को भैया दूज के पावन पर्व पर बंद किए जाएंगे।
16 नवंबर को बंद होंगे बदरीनाथ धाम के कपाट
बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को रात 9:37 बजे विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके अगले दिन यानी 17 नवंबर को भगवान की उत्सव डोलियां अपने-अपने शीतकालीन प्रवास स्थलों के लिए रवाना होंगी। सर्दियों में प्रतिकूल मौसम और बर्फबारी की संभावना को देखते हुए हर साल परंपरा के अनुसार धाम के कपाट बंद किए जाते हैं।
11 नवंबर को बंद होंगे केदारनाथ के कपाट
श्री केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को भैया दूज के अवसर पर शीतकाल के लिए बंद होंगे। इसके साथ ही इस वर्ष केदारनाथ धाम में नियमित दर्शन की यात्रा का समापन हो जाएगा। शीतकाल के दौरान भगवान की पूजा-अर्चना निर्धारित शीतकालीन पूजा स्थलों पर की जाएगी।
मद्महेश्वर और तुंगनाथ धाम की भी तय हुई तिथि
रुद्रप्रयाग जिले में स्थित द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम के कपाट 16 नवंबर को बंद होंगे। इसके बाद भगवान की चल विग्रह डोली विभिन्न पड़ावों से होते हुए 19 नवंबर को ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचेगी। वहीं, तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट 6 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे।
यमुनोत्री धाम के कपाट भी 11 नवंबर को होंगे बंद
यमुनोत्री धाम के कपाट 11 नवंबर को भैया दूज के दिन सुबह 10 बजकर 28 मिनट पर बंद किए जाएंगे। इसके लिए शुभ मुहूर्त निर्धारित किया गया है। इस तरह नवंबर में बदरीनाथ, केदारनाथ, मद्महेश्वर, तुंगनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने के साथ ही चारधाम यात्रा के इस वर्ष के प्रमुख धार्मिक कार्यक्रमों का समापन हो जाएगा।
चारधाम यात्रा उत्तराखंड की धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों का प्रमुख हिस्सा है। हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कपाट बंद होने के बाद शीतकाल में संबंधित परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना जारी रहती है।





