कौन हैं हरमिलन बैंस, जिन्हें कहा जाता है ‘क्वीन’? ट्रैक पर जीते मेडल, अब रोडीज में दिखेगा नया अंदाज

भारतीय एथलीट हरमिलन बैंस अब खेल के मैदान के बाद रियलिटी शो की दुनिया में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हैं। एशियाई खेलों में 800 और 1500 मीटर दौड़ में दो रजत पदक जीत चुकीं हरमिलन ने लोकप्रिय रियलिटी शो ‘रोडीज’ में एंट्री की है। ट्रैक पर अपनी रफ्तार और दमदार प्रदर्शन से पहचान बनाने वाली हरमिलन अब शो में नई चुनौतियों का सामना करती नजर आएंगी। सोशल मीडिया पर वह ‘द क्वीन’ के नाम से मशहूर हैं।

हरमिलन शो में गुरबानी के स्क्वॉड का हिस्सा बनी हैं। इस शो में नेहा धूपिया, प्रिंस नरूला, निखिल चिनप्पा, अभिषेक मलहान और बशीर भी जज के रूप में नजर आ रहे हैं। एथलेटिक्स में अपनी उपलब्धियों के बाद मनोरंजन की दुनिया में हरमिलन की यह नई शुरुआत चर्चा में है।

एशियाई खेलों में जीते दो रजत पदक

हरमिलन बैंस ने 2022 में हांगझोऊ एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने महिलाओं की 800 मीटर और 1500 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। वह एशियाई इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक भी जीत चुकी हैं। 1500 मीटर दौड़ में उनके नाम राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी रहा, जिसे बाद में तोड़ दिया गया।

हरमिलन को एथलेटिक्स की विरासत अपने परिवार से मिली है। उनकी मां माधुरी बैंस भी लंबी दूरी की धाविका रही हैं। उन्होंने 2002 के बुसान एशियाई खेलों में 800 मीटर दौड़ में रजत पदक जीता था। इसके अलावा, 2004 में पाकिस्तान में आयोजित एसएएफ खेलों में 800 और 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक अपने नाम किए थे।

वहीं, उनके पिता अमनदीप सिंह ने 1996 के एसएएफ खेलों में 1500 मीटर दौड़ में रजत पदक जीता था। ऐसे में हरमिलन ने बचपन से ही अपने परिवार के बीच खेल का माहौल देखा और दौड़ने की ट्रेनिंग शुरू कर दी।

बचपन से ही शुरू कर दी थी दौड़ने की तैयारी

हरमिलन ने कम उम्र से ही अपनी मां के साथ अभ्यास करना शुरू कर दिया था। वह 800 मीटर दौड़ की तैयारी मां और 1500 मीटर की ट्रेनिंग पिता के साथ करती थीं। उन्होंने सीबीएसई स्कूल गेम्स से अपने एथलेटिक्स सफर की शुरुआत की।

साल 2018 में 12वीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान उन्होंने सीबीएसई की राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में 800 और 1500 मीटर दौड़ के रिकॉर्ड बनाए। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की।

घुटने की सर्जरी के बाद की दमदार वापसी

हरमिलन का खेल सफर आसान नहीं रहा। साल 2021 में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और व्यक्तिगत दौड़ में लगातार सफलता हासिल की। हालांकि, इसके बाद घुटने की सर्जरी के कारण उन्हें करीब 10 महीने तक ट्रैक से दूर रहना पड़ा।

चोट से उबरने के बाद उन्होंने दोबारा मैदान पर वापसी की और 2022 के एशियाई खेलों में दो रजत पदक जीतकर अपनी क्षमता साबित की। यह उपलब्धि उनके करियर के अहम पड़ावों में शामिल है।

ओलंपिक में जगह नहीं मिलने के बाद मानसिक संघर्ष

2024 के पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाने के बाद हरमिलन को मानसिक मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि उस समय वह काफी तनाव में थीं और अवसाद जैसी स्थिति से गुजर रही थीं। उनके मन में आत्महत्या के विचार भी आए थे।

हरमिलन ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा था कि अपने खेल या पेशे को बदलने में कभी देर नहीं होती। उन्होंने माता-पिता से भी बच्चों को उनकी पसंद का काम करने देने की अपील की थी। उनका मानना है कि युवाओं को अपने काम का आनंद लेना चाहिए और खुद पर जरूरत से ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए।

‘द क्वीन’ नाम से मशहूर, पैर पर बनवाया शेर का टैटू

हरमिलन बैंस अपनी खेल उपलब्धियों के साथ-साथ अपने स्टाइल और बेबाक अंदाज के लिए भी जानी जाती हैं। सोशल मीडिया पर वह ‘द क्वीन’ नाम से लोकप्रिय हैं और नियमित रूप से अपनी तस्वीरें व गतिविधियां साझा करती हैं।

उनकी खास पहचान में दाईं जांघ पर बना शेर का टैटू भी शामिल है। वह इसे ताकत, साहस और निडरता से जोड़ती हैं। सोशल मीडिया पर उनकी अच्छी फैन फॉलोइंग है।

रोडीज में दिखेगा एथलीट का नया अंदाज

एथलेटिक्स के मैदान पर अपनी शारीरिक क्षमता और अनुशासन साबित कर चुकीं हरमिलन अब ‘रोडीज’ में एक नई चुनौती का सामना करेंगी। इस रियलिटी शो में प्रतिभागियों को शारीरिक ताकत, मानसिक मजबूती और मुश्किल परिस्थितियों में फैसले लेने की क्षमता परखने वाले टास्क करने होते हैं।

हरमिलन का खेल अनुभव इस मंच पर उनके लिए कितना मददगार साबित होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। एशियाई खेलों में दो रजत पदक जीतने वाली इस एथलीट की रोडीज में एंट्री उनके करियर का एक नया अध्याय है।

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