करोड़ों की संपत्ति के लिए ससुर की हत्या? बहू ने रची ऐसी साजिश, हार्ट अटैक दिखाने की थी तैयारी

कानपुर के इंदिरानगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी बहू शालू को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि शालू ने ही हत्या की साजिश रची थी और पूर्व कर्मचारी विशाल को छह लाख रुपये में सुपारी दी थी।
पुलिस के मुताबिक, साजिश के तहत विनीत मिनोचा की हत्या इस तरह करने की योजना थी कि मामला स्वाभाविक मौत जैसा लगे। इसके लिए सोते समय तकिया से मुंह दबाकर हत्या करने और बाद में इसे हार्ट अटैक बताने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, घटनास्थल पर आरोपियों की योजना बिगड़ गई और उन्होंने चाकू से हमला कर दिया।
तकिया से हत्या कर हार्ट अटैक दिखाने की थी योजना
डीसीपी एसएम कासिम आबिदी के अनुसार, शालू ने पूर्व कर्मचारी विशाल से कहा था कि जब उसके ससुर विनीत कमरे में सो जाएं तो तकिया से उनका मुंह दबा दिया जाए। इसके बाद शालू और उसका पति सुब्रत पार्टी से लौटते और लोगों को हार्ट अटैक से मौत होने की बात बताकर गुमराह करने की कोशिश करते।
पुलिस के मुताबिक, दोनों सुपारी किलर विशाल और राजकिशोर विनीत के बेटे के कमरे में दरवाजे के पीछे छिपे थे। कमरे का ऑटोमेटिक लॉक पूरी तरह बंद नहीं हुआ था। जब विनीत कमरे में दाखिल हुए तो उन्हें अंदर जल रही लाइट दिखाई दी और वह उसे बंद करने के लिए अंदर चले गए। इसी दौरान उनका सामना आरोपियों से हो गया।
हड़बड़ी में चाकू से कर दिया हमला
पुलिस का कहना है कि योजना के मुताबिक तकिया से हत्या करने के बजाय आरोपियों ने हड़बड़ी में विनीत पर चाकू से हमला कर दिया। विशाल ने चाकू से कई वार किए, जबकि राजकिशोर ने उन्हें पकड़ रखा था। पुलिस के अनुसार, कारोबारी पर 26 से अधिक वार किए गए।
इसके बाद दोनों आरोपी फ्लैट से बाहर निकल गए। अपार्टमेंट में लगे CCTV कैमरों में दोनों के आने-जाने की तस्वीरें सामने आईं, जिसके आधार पर पुलिस ने उनकी पहचान की।
गार्ड को बताया था आरोपी का दूसरा नाम
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वारदात से पहले आरोपियों की पहचान छिपाने की कोशिश की गई थी। पुलिस के मुताबिक, शालू ने अपार्टमेंट के गार्ड को विशाल का नाम शुभम बताया था।
गार्ड को बताया गया था कि शुभम बुके लेकर आएगा और उसे फ्लैट तक भेज दिया जाए। पुलिस के अनुसार, बुके पहुंचाने के कुछ समय बाद शालू, सुब्रत और उनका बेटा पार्टी के लिए निकल गए। इसके बाद दोनों आरोपी भी फ्लैट में दाखिल हुए।
करीब सवा घंटे फ्लैट में छिपे रहे आरोपी
CCTV फुटेज के मुताबिक, शनिवार रात करीब 9:36 बजे सुब्रत, शालू और उनका बेटा फ्लैट से पार्टी के लिए निकले थे। करीब 10 मिनट बाद दोनों आरोपी फ्लैट में दाखिल हुए और अंदर छिप गए।
करीब 10:58 बजे विनीत अपनी फर्म से वापस फ्लैट पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने उनके आने का इंतजार किया और करीब आधे घंटे के भीतर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद दोनों फ्लैट से बाहर निकल गए।
बहू और दो अन्य आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने पहले पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया था। दोनों को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पकड़ा और उनके पैर में गोली लगी थी। पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर बहू के कहने पर हत्या करने की बात बताई।
इसके बाद पुलिस ने विनीत की बहू शालू को भी गिरफ्तार कर लिया। शालू, विशाल और राजकिशोर को कोर्ट के आदेश के बाद जेल भेज दिया गया है। हालांकि, पुलिस के अनुसार शालू ने अब तक अपना जुर्म कबूल नहीं किया है।
बेटे की भूमिका की भी जांच
पुलिस अब मामले में विनीत के बेटे सुब्रत की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, हत्या में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है और फिलहाल उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, हत्या की वजह के साथ-साथ साजिश में शामिल अन्य लोगों और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।





