अगरकर के बाद भुवी की वापसी के खुले दरवाजे! IPL प्रदर्शन ने फिर मजबूत किया दावा, शमी को भी फायदा

भारतीय क्रिकेट में अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की करीब चार साल बाद टीम इंडिया में वापसी ने चयन को लेकर चर्चा तेज कर दी है। 36 वर्षीय भुवनेश्वर को न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है।
भुवनेश्वर की वापसी ऐसे समय हुई है, जब अजीत अगरकर चयन समिति के अध्यक्ष पद से हट चुके हैं और प्रज्ञान ओझा अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या चयन समीकरण में बदलाव का फायदा भुवनेश्वर को मिला है। हालांकि, उनकी वापसी में आईपीएल में लगातार किए गए शानदार प्रदर्शन की भी अहम भूमिका रही है।
दो आईपीएल सत्रों में झटके 45 विकेट
भुवनेश्वर ने आईपीएल 2025 और 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए शानदार गेंदबाजी की। इन दोनों सत्रों में उन्होंने कुल 45 विकेट हासिल किए। 2025 में उनके खाते में 17 विकेट आए, जबकि 2026 में उन्होंने 28 विकेट झटके।
आरसीबी की लगातार दो आईपीएल खिताबी जीत में भी भुवनेश्वर ने अहम भूमिका निभाई। नई गेंद से स्विंग और सीम कराने की उनकी क्षमता ने उन्हें एक बार फिर चयनकर्ताओं की नजर में ला दिया।
जिस स्विंग पर उठे थे सवाल, वही बनी ताकत
भुवनेश्वर को 2022 में टीम से बाहर किए जाने के पीछे उनकी गति में कमी और स्विंग में पहले जैसी धार नहीं रहने को प्रमुख कारणों में गिना गया था। उस समय टी20 क्रिकेट में युवा और तेज गेंदबाजों को ज्यादा प्राथमिकता मिल रही थी।
हालांकि, भुवनेश्वर ने इसके बाद घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी गेंदबाजी पर काम जारी रखा। उत्तर प्रदेश के लिए सफेद गेंद के क्रिकेट में खेलते हुए उन्होंने अनुभव का इस्तेमाल किया और आईपीएल में अपने प्रदर्शन से साबित किया कि नई गेंद से स्विंग कराने की उनकी क्षमता अब भी उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
मेरठ के स्विंग मास्टर पर फिर भरोसा
भुवनेश्वर कुमार मेरठ से आते हैं और अपनी सटीक आउटस्विंगर तथा अंदर आती गेंदों के लिए पहचाने जाते हैं। उनकी गेंदबाजी में रफ्तार से ज्यादा नियंत्रण और गेंद को हवा में मूव कराने की क्षमता अहम रही है।
न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में उनकी यह खूबी भारतीय टीम के लिए उपयोगी हो सकती है। अनुभवी गेंदबाज के तौर पर वह युवा तेज गेंदबाजों के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
बुमराह की गैरमौजूदगी में अनुभव आएगा काम
भुवनेश्वर की वापसी को जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी के संदर्भ में भी अहम माना जा रहा है। टीम में शामिल युवा गेंदबाज मयंक यादव और प्रिंस यादव को भविष्य के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
ऐसे में भुवनेश्वर का लंबा अंतरराष्ट्रीय अनुभव टीम के लिए उपयोगी हो सकता है। वह नई गेंद के साथ-साथ युवा गेंदबाजों को परिस्थितियों के मुताबिक गेंदबाजी करने में मार्गदर्शन भी दे सकते हैं।
शानदार रहा है भुवनेश्वर का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड
भुवनेश्वर ने भारत के लिए अब तक 21 टेस्ट, 121 वनडे और 87 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके नाम 90 विकेट हैं। सफेद गेंद के क्रिकेट में नई गेंद से स्विंग कराने की उनकी क्षमता लंबे समय तक भारतीय टीम की प्रमुख ताकत रही है।
वरुण चक्रवर्ती की भी हुई वापसी
न्यूजीलैंड के खिलाफ घोषित टी20 टीम में स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की भी वापसी हुई है। एशियाई खेलों से पहले चोट के कारण वह टीम से बाहर हो गए थे। फिट होने के बाद उन्हें फिर से टीम में जगह मिली है।
22 अक्तूबर से शुरू होगी टी20 सीरीज
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज 22 अक्तूबर से 1 नवंबर तक खेली जाएगी। सीरीज का पहला और दूसरा मुकाबला क्राइस्टचर्च, तीसरा वेलिंगटन, चौथा ऑकलैंड और पांचवां मैच हैमिल्टन में खेला जाएगा।
टी20 सीरीज के बाद भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच वनडे और दो टेस्ट मैच भी खेले जाएंगे।
भुवी की वापसी से शमी के लिए भी बढ़ी उम्मीदें?
भुवनेश्वर की टीम इंडिया में वापसी के बाद अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। एक पूर्व भारतीय खिलाड़ी और बीसीसीआई अधिकारी ने इसी संदर्भ में सवाल उठाया कि अगर भुवनेश्वर की वापसी हो सकती है तो शमी के लिए भी टीम के दरवाजे क्यों नहीं खुल सकते।
हालांकि, शमी की वापसी को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। भुवनेश्वर की वापसी से इतना जरूर स्पष्ट हुआ है कि लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले अनुभवी खिलाड़ियों के लिए चयन की संभावनाएं बनी रह सकती हैं। अब न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में भुवनेश्वर के प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी।





