मुफ्त सफर से रोडवेज पर बढ़ा आर्थिक बोझ, यूपी में 44 करोड़ का अधिभार; माननीयों की यात्रा का खर्च भी सामने आया

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपी रोडवेज) की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा का खर्च लगातार बढ़ रहा है। निगम के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 में नि:शुल्क यात्राओं का खर्च बढ़कर 44.24 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह वर्ष 2022-23 के 33.84 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 31 प्रतिशत अधिक है। इस खर्च में दिव्यांगजनों, जनप्रतिनिधियों और अन्य पात्र श्रेणियों के यात्रियों की मुफ्त यात्रा शामिल है।

दिव्यांगजनों की यात्रा पर 42.59 करोड़ रुपये खर्च

मुफ्त यात्रा पर होने वाले कुल खर्च में सबसे बड़ा हिस्सा दिव्यांगजनों और उनके सहयोगियों का है। वर्ष 2024-25 में इस श्रेणी के यात्रियों ने 32.12 लाख यात्राएं कीं, जिन पर 42.59 करोड़ रुपये खर्च हुए। वर्ष 2023-24 में यह खर्च 40.57 करोड़ और 2022-23 में 32.20 करोड़ रुपये था।

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022-23 में दिव्यांगजनों की यात्राओं की संख्या 33.31 लाख थी, जो वर्ष 2024-25 में घटकर 32.12 लाख रह गई। इसके बावजूद इस अवधि में खर्च 10 करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया।

शासन से पूरी रकम नहीं मिली

निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2024-25 में मुफ्त यात्रा के लिए 44.24 करोड़ रुपये के दावे के मुकाबले शासन से 41.25 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए। इससे करीब 2.99 करोड़ रुपये का अंतर रहा।

वहीं, वर्ष 2023-24 में निगम ने 42.39 करोड़ रुपये का दावा किया था, जबकि उसे 40.86 करोड़ रुपये ही मिले।

माननीयों की मुफ्त यात्रा पर 2.29 करोड़ खर्च

वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने अपने सहयोगियों के साथ तीन वित्तीय वर्षों में कुल 2.29 करोड़ रुपये की मुफ्त बस यात्रा की। वर्ष 2022-23 में इस पर 70.28 लाख रुपये, 2023-24 में 81.97 लाख रुपये और 2024-25 में 77.12 लाख रुपये खर्च हुए।

वर्ष 2024-25 में वर्तमान सांसदों-विधायकों और उनके सहयोगियों की यात्रा पर 8.86 लाख रुपये खर्च हुए। वहीं, पूर्व विधायकों और उनके सहयोगियों की यात्रा पर 57.72 लाख रुपये तथा पूर्व विधान परिषद सदस्यों और उनके सहयोगियों की यात्रा पर 10.54 लाख रुपये खर्च किए गए।

आठ श्रेणियों को मिलती है मुफ्त यात्रा की सुविधा

यूपी रोडवेज की बसों में कुल आठ श्रेणियों के लोगों को नि:शुल्क यात्रा की सुविधा दी जाती है। इनमें वर्तमान सांसद और विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व विधान परिषद सदस्य, दिव्यांगजन, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, लोकतंत्र सेनानी, मान्यताप्राप्त पत्रकार और राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर पुरस्कृत शिक्षक शामिल हैं।

पत्रकारों और अन्य श्रेणियों को भी मिली छूट

वर्ष 2024-25 में मान्यताप्राप्त पत्रकारों ने 20,253 यात्राएं कीं, जिन पर 37.52 लाख रुपये की छूट दी गई। इससे पहले वर्ष 2023-24 में पत्रकारों ने 23,874 यात्राओं के दौरान 42.41 लाख रुपये की छूट ली थी।

इसी अवधि में लोकतंत्र सेनानियों और उनके सहयोगियों की यात्रा पर 47.16 लाख रुपये खर्च हुए। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की यात्रा पर 97 हजार रुपये और पुरस्कृत शिक्षकों की 1,829 यात्राओं पर 2.83 लाख रुपये खर्च किए गए।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि मुफ्त यात्रा योजना के तहत यूपी रोडवेज पर होने वाला खर्च बढ़ा है। हालांकि, निगम के दावे और शासन से प्राप्त राशि के बीच अंतर भी बना हुआ है।

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