महंगाई से राहत की कोशिश: दिल्लीवासियों को 35 रुपये प्रति किलो मिलेगा प्याज

देश में प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। राजधानी दिल्ली में प्याज के दाम बढ़कर करीब 62 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने के बाद केंद्र सरकार ने कीमतों पर नियंत्रण के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने अपने बफर स्टॉक से 35 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर प्याज की खुदरा बिक्री शुरू कर दी है।
सरकार का यह कदम बाजार में बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और आम उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है। 35 रुपये प्रति किलो की सरकारी दर मौजूदा बाजार भाव से करीब 44 प्रतिशत कम है।
नाफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार के जरिए बिक्री
सरकारी एजेंसियां नाफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार के माध्यम से लोगों तक सस्ता प्याज पहुंचाएंगी। इसके अलावा मदर डेयरी के सफल स्टोर के जरिए भी प्याज की बिक्री की व्यवस्था की गई है। सरकार का मकसद अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक रियायती दर पर प्याज पहुंचाना है।
‘कंदा एक्सप्रेस’ से दिल्ली पहुंचेगा प्याज
राजधानी में प्याज की आपूर्ति तेजी से बढ़ाने के लिए सरकार ने ‘कंदा एक्सप्रेस’ की व्यवस्था भी की है। नासिक से बड़ी मात्रा में प्याज दिल्ली भेजा जा रहा है। पहला रेलवे रैक करीब 800 टन प्याज लेकर दिल्ली के लिए रवाना किया गया है।
सरकार को उम्मीद है कि बाजार में प्याज की आपूर्ति बढ़ने के बाद कीमतों पर दबाव कम होगा और लोगों को महंगे प्याज से राहत मिलेगी।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सरकार की नजर
उपभोक्ता मामलों के विभाग के अनुसार, प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे जमाखोरी, कालाबाजारी और मुनाफाखोरी जैसे कारणों पर भी नजर रखी जा रही है। सरकार ने साफ किया है कि बाजार की स्थिति की लगातार निगरानी की जाएगी और अनुचित तरीके से कीमतें बढ़ाने वालों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जा सकती है।
त्योहारी सीजन से पहले सरकार की तैयारी
आने वाले दिनों में ओणम, गणेश चतुर्थी, दुर्गा पूजा, दशहरा, दिवाली और शादी के सीजन के कारण प्याज की मांग बढ़ सकती है। इसी को देखते हुए सरकार पहले से ही आपूर्ति और कीमतों पर नजर बनाए हुए है।
सरकार का कहना है कि देश में प्याज की उपलब्धता पर्याप्त है और बफर स्टॉक भी मौजूद है। जरूरत पड़ने पर बाजार में और प्याज उतारा जाएगा, ताकि मांग बढ़ने के बावजूद कीमतें आम लोगों की पहुंच से बाहर न जाएं।
उत्पादन और बफर स्टॉक से राहत की उम्मीद
वर्ष 2025-26 में प्याज का उत्पादन करीब 307.37 लाख टन रहने का अनुमान है। सरकार ने कीमतों को नियंत्रित करने के लिए बड़े स्तर पर प्याज का बफर स्टॉक भी तैयार किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सरकार ने बफर स्टॉक के लिए लगभग 1.21 लाख टन प्याज की खरीद की है।
सरकार का मानना है कि मजबूत उत्पादन, पर्याप्त उपलब्धता और बफर स्टॉक के इस्तेमाल से आने वाले महीनों में प्याज की आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी।
फिलहाल निर्यात पर प्रतिबंध का कोई विचार नहीं
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की कोई योजना नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, घरेलू बाजार में प्याज की उपलब्धता पर्याप्त है और जरूरत पड़ने पर सरकार अपने बफर स्टॉक के जरिए बाजार में हस्तक्षेप कर सकती है।
कुल मिलाकर, बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने सस्ता प्याज बाजार में उतार दिया है। अब देखना होगा कि 35 रुपये किलो प्याज की बिक्री और अतिरिक्त आपूर्ति से दिल्ली समेत अन्य बाजारों में प्याज के बढ़ते दामों पर कितनी जल्दी लगाम लगती है।





