थप्पड़ से शुरू हुआ विवाद, हत्या तक पहुंचा मामला! दिल्ली में पूर्व IAS और वकील बेटे पर सनसनीखेज आरोप

राजधानी दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित सीट पर बैठने को लेकर हुआ विवाद जानलेवा साबित हुआ। कथित तौर पर हुई मारपीट में 48 वर्षीय पवन शर्मा की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में सेवानिवृत्त IAS अधिकारी संजय प्रताप सिंह और उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह को गिरफ्तार किया है। अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

सीट पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद

पुलिस के मुताबिक, घटना 8 अक्टूबर को शाम करीब 5:47 बजे सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर हुई। पवन शर्मा अपनी 65 वर्षीय मां दुर्गा देवी के साथ यमुना विहार की ओर जा रहे थे। इसी दौरान मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन पर संजय प्रताप सिंह और उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह ट्रेन में सवार हुए।

उस समय पवन शर्मा और उनकी मां वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित सीटों पर बैठे थे। सीट को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो कथित तौर पर हाथापाई में बदल गई।

थप्पड़ मारने और धक्का देने का आरोप

पुलिस के अनुसार, विवाद के दौरान संजय प्रताप सिंह और सिद्धार्थ सिंह पर पवन शर्मा के साथ मारपीट करने का आरोप है। आरोप है कि उन्हें थप्पड़ मारा गया और धक्का दिया गया, जिससे वह ट्रेन के फर्श पर गिर पड़े। गिरने के दौरान उनके सिर में गंभीर चोट लगी।

घटना के बाद पवन शर्मा को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मां के बयान पर दर्ज हुई FIR

मेट्रो पुलिस को घटना की सूचना मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस ने मृतक की मां के बयान के आधार पर 9 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

कौन हैं दोनों आरोपी?

पुलिस के अनुसार, संजय प्रताप सिंह नोएडा के सेक्टर-44 के निवासी हैं और सेवानिवृत्त IAS अधिकारी बताए गए हैं। उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह नोएडा के सेक्टर-50 में रहते हैं और सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते हैं। पुलिस ने बताया कि दोनों को अदालत में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस अब घटना के पूरे घटनाक्रम, मारपीट की परिस्थितियों और पवन शर्मा के सिर में लगी चोटों का उनकी मौत से संबंध स्पष्ट करने में जुटी है। घटना के समय ट्रेन में मौजूद यात्रियों और मेट्रो कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही, उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर दोनों आरोपियों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।

इस घटना ने मेट्रो में यात्रियों के बीच होने वाले विवादों और उनके गंभीर परिणामों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, मामले में आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े सभी पहलुओं का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।

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