ट्रंप और नेतन्याहू के बीच ईरान पर घमासान! हमले के लिए इजरायली पीएम का दबाव, फिलहाल बातचीत के पक्ष में अमेरिका

अमेरिका और इस्राइल के बीच ईरान को लेकर रणनीतिक मतभेद सामने आने का दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मंगलवार को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के तुरंत बाद ईरान पर नए सैन्य हमले करने का आग्रह किया है। वहीं, ट्रंप फिलहाल ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत जारी रखने के पक्ष में बताए जा रहे हैं।
फोन पर हुई दोनों नेताओं की बातचीत
समाचार वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने ईरान के साथ अमेरिकी वार्ता में हुई प्रगति और सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने की संभावना पर चर्चा की। एक इस्राइली सूत्र ने बातचीत को कठिन बताया, जबकि अमेरिकी सूत्र ने इसे सीधी बातचीत करार दिया।
हालांकि, रविवार को आयोवा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने इस चर्चा को बहुत अच्छा बताया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच ईरान को लेकर बातचीत हुई, लेकिन इसके अन्य विवरण साझा नहीं किए।
ईरान पर हमले को लेकर अलग-अलग रणनीति
रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई चाहते हैं। दूसरी ओर, ट्रंप तेहरान के साथ समझौते और शांति वार्ता दोबारा शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, अमेरिका ने सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने की संभावना भी खुली रखी है।
ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि ईरान के साथ बातचीत ठीक चल रही है और उन्हें कोई खास जल्दबाजी नहीं है। हालांकि, उन्होंने ईरान के एक-दो परमाणु ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत का भी जिक्र किया। उन्होंने विशेष रूप से पिकैक्स माउंटेन स्थित संदिग्ध भूमिगत परमाणु ठिकाने का उल्लेख किया।
अमेरिका ने बातचीत दोबारा शुरू करने की कोशिश तेज की
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पिछले सप्ताह ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रमुख मोहसिन रेजाई को एक पत्र भेजा था। इसमें दोनों देशों के बीच बातचीत दोबारा शुरू करने की संभावना पर चर्चा की गई।
वहीं, कतर के मध्यस्थों ने रविवार को लगातार तीसरे दिन ईरानी अधिकारियों से मुलाकात की। इन बैठकों का उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत फिर से शुरू कराने के लिए सहमति बनाने का रास्ता तलाशना था।
ईरान ने समझौते की खबरों पर क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया कि अब तक कोई समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि बातचीत में आगे की प्रगति इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका तेहरान के सवालों का जवाब किस तरह देता है।
अराघची ने उम्मीद जताई कि अमेरिका समझदारी दिखाते हुए दूसरे विकल्पों के बजाय कूटनीति को प्राथमिकता देगा। ऐसे में ईरान को लेकर अमेरिका और इस्राइल की आगे की रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं। हालांकि, रिपोर्ट में हमले को लेकर नेतन्याहू के कथित दबाव का दावा किया गया है, लेकिन किसी नए सैन्य हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।





