क्या गाजा से लौटेगी इस्राइली सेना? हमास को लेकर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान

गाजा युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि मिस्र, कतर और तुर्की की मध्यस्थता में ऐसा समझौता तैयार हुआ है, जिसके तहत हमास और अन्य हथियारबंद गुट अपने हथियार सौंपेंगे और सुरंगों को नष्ट करेंगे। इसके बदले इस्राइली सेना चरणबद्ध तरीके से गाजा से पीछे हटेगी। हालांकि, इस समझौते की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि यह पहल उनके ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के नेतृत्व में आगे बढ़ाई जा रही है। उनके मुताबिक, निशस्त्रीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही इस्राइली सेना की वापसी शुरू होगी और बाद में गाजा की सुरक्षा की जिम्मेदारी इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स (ISF) और नई फलस्तीनी पुलिस को सौंपी जाएगी। पूरी प्रक्रिया को पूरा होने में 200 से 300 दिन लग सकते हैं।
समझौते की मुख्य बातें
- हमास और अन्य सशस्त्र गुट हथियार सौंपेंगे और सुरंगें नष्ट करेंगे।
- निशस्त्रीकरण के साथ ही इस्राइली सेना गाजा से चरणबद्ध तरीके से हटेगी।
- गाजा की सुरक्षा ISF और नई फलस्तीनी पुलिस संभालेगी।
- गाजा में नई सिविल सरकार का गठन किया जाएगा।
- मिस्र, कतर और तुर्की ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है।
ट्रंप ने कहा कि यह पहल उनकी 20-सूत्रीय गाजा शांति योजना का हिस्सा है। उनके अनुसार, इस योजना के लागू होने के बाद गाजा में हमास का शासन समाप्त होगा और नई फलस्तीनी प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित की जाएगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने मिस्र, कतर और तुर्की का धन्यवाद करते हुए कहा कि इन देशों की कूटनीतिक कोशिशों से यह प्रस्ताव संभव हो पाया। उन्होंने दावा किया कि गाजा में शांति की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन अभी कई चुनौतियां बाकी हैं।
हालांकि, इस समझौते को लेकर इस्राइल, हमास या अन्य संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।





