सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: हवाईअड्डों पर अधिकारियों को कानूनों के प्रति संवेदनशील बनाना जरूरी

सुप्रीम कोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों पर काम करने वाली क्षेत्रीय एजेंसियों के लिए यह जरूरी बताया कि वे अपने अधिकारियों को मौजूदा कानूनों के प्रति पहले से ही संवेदनशील बनाएं। यह टिप्पणी उस समय आई जब बेंच ने प्रवासी भारतीय (एनआरआई) रॉकी अब्राहम की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही को रद्द किया।
रॉकी अब्राहम पिछले 20 वर्षों से इटली में बसे हैं। जनवरी 2025 में उन्हें दिल्ली हवाईअड्डे पर हिरासत में लिया गया था। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि उनके सामान में हिरण की सींग थी, जो वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत प्रतिबंधित है। इसके बाद उनके खिलाफ अधिनियम की धारा 39, 49 और 51 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
अब्राहम करीब दो हफ्ते हिरासत में रहे और बाद में जमानत पर रिहा हुए। सुप्रीम कोर्ट ने डीएनए जांच के आधार पर पाया कि उनके पास मिली वस्तु वास्तव में रेंडियर की सींग थी, जो भारतीय वन्यजीव कानून के तहत प्रतिबंधित नहीं है।
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि हवाईअड्डा अधिकारियों को गिरफ्तारी जैसे गंभीर कदम उठाने से पहले कानूनी सलाह लेनी चाहिए और सही जानकारी पर आधारित निर्णय लेना चाहिए। अदालत ने चेतावनी दी कि ऐसे गलत फैसलों से देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुँच सकता है और अधिकारियों का व्यवहार मानवाधिकारों का उल्लंघन बन सकता है।
इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने अब्राहम की गिरफ्तारी, प्राथमिकी और उनके खिलाफ सभी कार्यवाहियों को पूरी तरह से अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया।





