विधान परिषद में सपा का वॉकआउट, संस्कृत शिक्षकों के GPF भुगतान का मिला आश्वासन

यूपी विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुक्रवार से शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही की शुरुआत सपा के दिवंगत विधायक सुधाकर सिंह को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय समेत सभी दलों के नेताओं ने उनके राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई, जबकि विधान परिषद की कार्यवाही जारी रही।

विधान परिषद में समाजवादी पार्टी ने प्रदेश में स्कूल बंद किए जाने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट किया। इस दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि संस्कृत विद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों को जल्द ही जीपीएफ का भुगतान किया जाएगा। परिषद की कार्यवाही के दौरान करीब आधा दर्जन विधेयक सदन के पटल पर रखे गए। इसके बाद विधान परिषद की कार्यवाही भी सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

इससे पहले ट्यूबवेल न चलने के मुद्दे पर नेता सदन स्वतंत्र देव सिंह और विधान परिषद सदस्य ध्रुव त्रिपाठी के बीच तीखी नोंकझोंक भी देखने को मिली।

सत्र के पहले दिन मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 24 जनवरी को सदन में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में विपक्ष से चर्चा का अनुरोध किया गया है और सरकार हर मुद्दे पर चर्चा और हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

वहीं, सत्र के दौरान कफ सिरप कांड और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को लेकर हंगामे के आसार हैं। समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दल इन मुद्दों पर सरकार को घेर सकते हैं। सत्र के पहले दिन विधान परिषद में सपा सदस्य आशुतोष सिन्हा ने कोडीन कफ सिरप तस्करी को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

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