मैच फिक्सिंग और सूचना लीक रोकने की तैयारी, IPL में स्मार्ट सनग्लास प्रतिबंधित

**IPL में स्मार्ट सनग्लास पर BCCI की रोक, मैच से जुड़ी जानकारी लीक होने का खतरा**

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की एंटी करप्शन यूनिट ने IPL मैचों के दौरान खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों के स्मार्ट सनग्लास इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। बोर्ड ने 18 मई को सभी फ्रेंचाइजियों को इस संबंध में एडवाइजरी जारी की थी, जिसकी जानकारी अब सामने आई है।

एडवाइजरी के अनुसार, मैच के दिन खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और अधिकारियों को मैदान के अंदर ड्रेसिंग रूम या डगआउट में प्रवेश करने से पहले अपने मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच और स्मार्ट सनग्लास सिक्योरिटी लायजन ऑफिसर (SLO) के पास जमा कराने होंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना और अन्य कार्रवाई की जा सकती है।

इसके अलावा खिलाड़ियों के देर रात बाहर जाने और होटल के कमरों में मेहमान बुलाने पर भी सख्ती बढ़ाई गई है। हाल के दिनों में IPL में आचार संहिता उल्लंघन के कई मामले सामने आने के बाद BCCI ने एंटी करप्शन नियमों को और कड़ा किया है।

**स्मार्ट सनग्लास को माना कम्युनिकेशन डिवाइस**

BCCI ने स्मार्ट सनग्लास को ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और कम्युनिकेशन डिवाइस की श्रेणी में रखा है। ये डिवाइस मोबाइल डेटा और वाई-फाई के जरिए कनेक्ट होकर लाइव स्ट्रीमिंग, टेक्स्ट मैसेजिंग और ऑडियो-वीडियो कॉलिंग जैसी सुविधाएं प्रदान करते हैं। बोर्ड का मानना है कि इनके जरिए मैच से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां लीक होने का खतरा बना रहता है।

**हालिया घटनाओं के बाद बढ़ी सख्ती**

10 अप्रैल को गुवाहाटी में राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर रोमी भिंडर मैच के दौरान डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए नजर आए थे, जिसके बाद उन पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया था।

वहीं 28 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते दिखाई दिए थे। इसके अलावा खिलाड़ियों के परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों के प्रतिबंधित क्षेत्रों में पहुंचने की घटनाएं भी सामने आई थीं।

**2013 स्पॉट फिक्सिंग के बाद से बढ़ी निगरानी**

BCCI IPL की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को लेकर हमेशा सतर्क रहा है। 2013 के स्पॉट फिक्सिंग मामले के बाद एंटी करप्शन यूनिट की भूमिका और मजबूत की गई थी। प्रत्येक टीम के साथ एक विशेष अधिकारी तैनात रहता है, जो खिलाड़ियों की गतिविधियों और उनसे मिलने वाले लोगों पर नजर रखता है। बोर्ड का मानना है कि नई पाबंदियां लीग की सुरक्षा और निष्पक्षता बनाए रखने में मदद करेंगी।

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