NIA चार्जशीट में सनसनीखेज दावा: आतंकियों ने GoPro कैमरे से रिकॉर्ड किया पहलगाम हमला

कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले को लेकर NIA की चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी के मुताबिक, हमले की रिकॉर्डिंग के लिए इस्तेमाल किया गया गो-प्रो कैमरा अमेरिका में बना था और चीन के रास्ते आतंकियों तक पहुंचा था।

NIA ने 15 दिसंबर 2025 को इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसकी डिटेल्स अब सामने आई हैं। एजेंसी का मानना है कि इस हाई-टेक कैमरे के जरिए आतंकियों के मददगार नेटवर्क तक पहुंचने में अहम सुराग मिल सकते हैं।

यह गो-प्रो कैमरा जुलाई 2025 में दाचीगाम के जंगलों में हुई मुठभेड़ के दौरान बरामद हुआ था। इसी ऑपरेशन में पहलगाम हमले में शामिल तीनों पाकिस्तानी आतंकी मारे गए थे।

जांच में सामने आया कि आतंकी संगठन अब हमलों की रिकॉर्डिंग के लिए बॉडी कैमरे और एक्शन डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं। बाद में इन वीडियो का इस्तेमाल प्रोपेगैंडा और डर फैलाने के लिए किया जाता है।

NIA ने कैमरे की जानकारी जुटाने के लिए अमेरिकी कंपनी GoPro से संपर्क किया। कंपनी ने जवाब में बताया कि संबंधित कैमरा यूनिट चीन स्थित एक कमर्शियल डिस्ट्रीब्यूटर को भेजी गई थी। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि यह डिवाइस चीन से आतंकियों तक कैसे पहुंची।

चार्जशीट के मुताबिक, पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी सैफुल्लाह उर्फ साजिद जट्‌ट था, जो पाकिस्तान के लाहौर में रह रहा है। वही आतंकियों को रियल टाइम निर्देश दे रहा था और बैसरन घाटी की लोकेशन भी उसी ने भेजी थी।

NIA ने टूरिस्ट गाइड परवेज अहमद जोठार और बशीर अहमद जोठार को भी आरोपी बनाया है। जांच एजेंसी का कहना है कि दोनों ने आतंकियों को देखने के बावजूद सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी नहीं दी, जिससे हमला टाला नहीं जा सका।

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम से करीब 6 किलोमीटर दूर बैसरन घाटी में हुए इस आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 16 लोग घायल हुए थे। हमलावरों ने धार्मिक पहचान के आधार पर पर्यटकों को निशाना बनाया था।

इस हमले के जवाब में भारत ने 6-7 मई 2025 की रात पाकिस्तान और PoK में एयर स्ट्राइक की थी, जिसे Operation Sindoor नाम दिया गया था। इसमें कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।

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