अमेरिका की रणनीति में भारत की गैरमौजूदगी पर सियासी घमासान, कांग्रेस का सरकार पर हमला

अमेरिका की अगुवाई में एक नई रणनीतिक पहल ‘पैक्स सिलिका’ शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य सुरक्षित और नवाचार-आधारित सिलिकॉन आपूर्ति श्रृंखला तैयार करना है। इस पहल में भारत को शामिल नहीं किए जाने पर कांग्रेस ने शनिवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा।
कांग्रेस ने कहा कि भारत का इस अमेरिकी रणनीतिक समूह का हिस्सा न होना कोई हैरानी की बात नहीं है, क्योंकि हाल के समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिश्तों में तेजी से गिरावट आई है। पार्टी का कहना है कि अगर भारत इस पहल में शामिल होता, तो यह देश के लिए फायदेमंद साबित हो सकता था।
कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि भारत के बाहर रहने की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब प्रधानमंत्री सोशल मीडिया पर अपने “अच्छे मित्र” के साथ फोन पर बातचीत की जानकारी साझा कर रहे थे। उन्होंने अहमदाबाद, ह्यूस्टन और वॉशिंगटन डीसी में दोनों नेताओं की मुलाकातों का भी जिक्र किया।
जयराम रमेश ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की हाई-टेक आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भरता कम करने के लिए अमेरिका ने नौ देशों के साथ यह पहल शुरू की है, जिसे ‘पैक्स सिलिका’ नाम दिया गया है। इस समूह में अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, नीदरलैंड, ब्रिटेन, इजराइल, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि 10 मई 2025 के बाद ट्रंप-मोदी संबंधों में आई गिरावट को देखते हुए भारत का इस समूह से बाहर रहना चौंकाने वाला नहीं है, लेकिन इसमें शामिल होना भारत के लिए निश्चित रूप से लाभकारी होता।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, पैक्स सिलिका पहल का मकसद चीन पर निर्भरता कम करना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी अहम सामग्रियों और क्षमताओं की सुरक्षा करना और सदस्य देशों को उभरती तकनीकों के विकास व इस्तेमाल में सक्षम बनाना है।





