निवेशकों से करोड़ों की ठगी मामले में पुलिस को सफलता, LUC के दो प्रमुख आरोपी गिरफ्तार

उत्तराखंड के बहुचर्चित LUCC चिट फंड घोटाले की जांच में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने मुंबई से मामले के दो प्रमुख आरोपियों किशन जैन और पंकज जैन उर्फ पंकज चौधरी को गिरफ्तार किया है। यह घोटाला करीब 800 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और एक लाख से अधिक निवेशकों से ठगी से जुड़ा हुआ है।
CBI के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन, दस्तावेजों और विभिन्न राज्यों में किए गए व्यापक सर्वेक्षण के आधार पर की गई है। जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी घोटाले के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल थे और निवेशकों से जुटाए गए धन के संग्रह, प्रबंधन, हेराफेरी और गबन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।
यह मामला मेसर्स लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC) से जुड़ा है। आरोप है कि संस्था ने उत्तराखंड समेत कई क्षेत्रों में अवैध जमा योजनाएं चलाकर लोगों से बड़ी रकम जुटाई और बाद में धन का दुरुपयोग किया। जांच एजेंसी के मुताबिक, लगभग एक लाख निवेशकों ने इन योजनाओं में करीब 800 करोड़ रुपये जमा किए थे।
उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने नवंबर 2025 में इस मामले में FIR दर्ज की थी। जांच भारतीय दंड संहिता, भारतीय न्याय संहिता (BNS), उत्तराखंड जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम (UPID) और अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम (BUDS) की विभिन्न धाराओं के तहत की जा रही है।
CBI इससे पहले मई 2026 में पांच अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें उत्तराखंड में LUCC के वरिष्ठ सहकारी प्रवर्तक शामिल थे। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
जांच के दौरान एजेंसी ने अपराध से अर्जित कई अचल संपत्तियों का भी पता लगाया है। इन संपत्तियों का विवरण उत्तराखंड सरकार के वित्त सचिव को सौंपा गया है, ताकि BUDS अधिनियम के तहत उन्हें जब्त कर पीड़ित निवेशकों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
CBI ने कहा है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





