‘अपरिचित’ से लेकर ‘नायक’ तक का किया निर्देशन, जानिए एस शंकर की फिल्मों की खास बातें

भारत के बेहतरीन निर्देशक एस शंकर आज अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं। वह तमिल फिल्मों के निर्देशन के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने हिंदी और तेलुगु में भी बेहतरीन फिल्में बनाई हैं। शंकर अपनी फिल्मों में सामाजिक मुद्दे उठाते हैं और अपनी फिल्मों में तकनीक के इस्तेमाल के लिए जाने जाते हैं। आज उनके जन्मदिन पर आइए उनकी कुछ बेहतरीन फिल्मों के बारे में जानते हैं।
अपरिचित
‘अपरिचित (2005)’ भारतीय सिनेमा की सबसे अलग तरह की फिल्म है। इस फिल्म में एक ऐसे इंसान की कहानी दिखाई गई है, जो लोगों से यह उम्मीद करता है कि वह सभ्य तरीके से रहें और कानून के हिसाब से चलें। हालांकि जब लोग ऐसा नहीं करते हैं तो वह अलग-अलग तरह से उन्हें सजा देता है। फिल्म में भ्रष्टाचार और सामाजिक बुराई जैसे कई मुद्दे उठाए गए हैं। इस फिल्म को नेशनल फिल्म अवॉर्ड से नवाजा गया था।
आई
फिल्म ‘आई (2015)’ में एस शंकर ने एक अलग कहानी दिखाई है। इसमें एक ऐसे शख्स की कहानी दिखाई गई है जो बॉडी बिल्डिंग में मशहूर होना चाहता है। हालांकि उसके प्रतिद्वंदी उसे आई नाम का खतरनाक वायरस देते हैं। इसके बाद वह अपने दुश्मनों से बदला लेता है। यह रोमांटिक थ्रिलर फिल्म है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर काफी कामयाब रही थी। फिल्म ने कई अवॉर्ड्स अपने नाम किए थे।
शिवाजी: द बोस
एस शंकर ने फिल्म ‘शिवाजी’ के जरिए भी भ्रष्चार, भारत में अव्यवस्था का मुद्दा उठाने की कोशिश की है। फिल्म में दिखाया गया है कि एक व्यक्ति मुफ्त में शिक्षा प्रदान करने के लिए भारत लौटता है लेकिन यहां उसे सिस्टम और खतरनाक नेता का सामना करना पड़ता है। साल 2007 में रिलीज हुई यह फिल्म उस वक्त भारत की सबसे महंगी फिल्म थी। रजनीकांत ने इस फिल्म में अभिनय करने के लिए मोटी फीस ली थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कामयाब रही थी। इसने नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीता था।
रोबोट
फिल्म ‘रोबोट (2010)’ में एस शंकर ने यह दिखाने की कोशिश की है कि तकनीक हमें फायदा करती है हालांकि अगर वह गलत हाथों में चली जाए तो इसके गंभीर नतीजे आ सकते हैं। रजनीकांत अभिनीत इस फिल्म में ऐसे रोबोट की कहानी दिखाई गई है जिसके अंदर भावनाएं जग जाती हैं और उसे प्यार हो जाता है। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर काफी कामयाब रही थी।





