‘तीज के बरतिया’ से लेकर ‘अचल सुहाग’ तक, इन गीतों के बिना अधूरा है हरतालिका तीज का पर्व

आज हरतालिका तीज का त्योहार मनाया जा रहा है। इस त्योहार को भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख के लिए उपवास रखती हैं। इस दिन निर्जला व्रत रखा जाता है और घर में पूजा की जाती है। इस पर्व पर कई भजन और भोजपुरी भाषा में कई गीत भी बने हैं, जो इस त्योहार को और भी खास बनाते हैं। ये गीत शंकर-पार्वती और सुहागिन महिलाओं को समर्पित हैं। आइए जानते हैं कौनसे हैं वो गीत जो इस दिन को बनाते हैं और भी खास।

सात सखियां
यह गीत हरतालिका तीज के दिन आपको सुनने को मिल जाएगा। यह गीत सात सखियों के तीज पूजन की कहानी बताता है। तीज पर अक्सर ही कई सुहागिन महिलाएं एकसाथ मिलकर पूजा करती हैं। यह गीत उसी एकता को दर्शाता है।

तीज व्रत भूखल बानी
हरतालिका तीज का व्रत 24 घंटे चलता है। इस दौरान सोना भी वर्जित होता है, जिसके चलते सुहागिनें रातभर जागरण करती हैं और शिव-पार्वती की भक्ति के गीत भी गाती हैं। इन्हीं गीतों में एक लोकप्रिय गीत है ‘तीज व्रत भूखल बानी’। निशा उपाध्याय की आवाज वाला यह गीत काफी लोकप्रिय है और तीज के मौके पर सुहागिनें इस गीत को जागरण के दौरान गाती हैं। यह गीत महिलाओं के समर्पण को दर्शाता है।

तीज के बरतिया
इसी लिस्ट में भोजपुरी स्टार एक्टर-सिंगर अक्षरा सिंह और रिनी चंद्रा की आवाज वाला गीत ‘तीज के बरतिया’ भी शामिल है। लगभग पांच साल पहले रिलीज हुआ ये गीत आज भी हरतालिका तीज पर सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगता है। इस गीत में सुहागिन महिलाओं की भावनाओं को दर्शाया गया है।

सजे है अंबर सजी है धरती
यह भजन शिव-पार्वती के मिलन और प्रेम को दर्शाता है। हरतालिका तीज के दिन यह भजन महिलाएं रात्रि जागरण में गाती हैं और शिव की आराधना करती हैं। यह गीत यूट्यूब पर भी काफी लोकप्रिय है।

मिले सातों जनम का प्यार
तीज पर सुनाई देने वाला ये गीत पति-पत्नी के बीच के प्यार और सात जन्मों के साथ के बारे में है। जिसमें सुहागिन शिव-पार्वती से अपने पति की लंबी आयु और सात जन्मों का साथ बना रहे, इसकी कामना करती हैं।

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