अदाणी समूह में विदेशी निवेश का खुलासा, अमेरिकी बीमा फंड्स प्रमुख निवेशक बने

अदाणी समूह की कंपनियों में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के निवेश को लेकर हाल ही में चर्चा तेज रही। अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि सरकारी अधिकारियों ने एलआईसी के निवेश को प्रभावित किया और अदाणी समूह में लगाया।
हालांकि आंकड़ों से खुलासा हुआ है कि एलआईसी नहीं बल्कि अमेरिकी बीमा कंपनियों ने अदाणी समूह की कंपनियों में भारी निवेश किया है।
आंकड़ों की जानकारी
जून 2025 में, एलआईसी ने अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड में 57 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 5,000 करोड़ रुपये) का निवेश किया।
इसी माह, अमेरिका स्थित एथेन इंश्योरेंस ने मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में 75 करोड़ डॉलर (6,650 करोड़ रुपये) का निवेश किया। एथेन की पैरेंट कंपनी अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के अनुसार, इसके प्रबंधित फंड्स और सहयोगी निवेशकों ने भी मुंबई एयरपोर्ट लिमिटेड में 75 करोड़ डॉलर का निवेश किया।
इसके अलावा, वैश्विक कर्जदाता जैसे डीबीएस बैंक, डीजेड बैंक, रोबोबैंक और बैंक सिनोपैक कंपनी लिमिटेड ने अदाणी एनर्जी लिमिटेड में करीब 25 करोड़ डॉलर का निवेश किया।
एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, समूह ने वर्ष की पहली छमाही में बंदरगाह, नवीकरणीय ऊर्जा, प्रमुख कंपनी और बिजली पारेषण इकाई में कुल मिलाकर 10 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की नई ऋण सुविधाओं पर हस्ताक्षर किए।
एलआईसी का बयान
एलआईसी ने वॉशिंगटन पोस्ट के दावे को फर्जी, आधारहीन और सच्चाई से परे बताया। एलआईसी ने स्पष्ट किया कि अदाणी समूह में निवेश का फैसला स्वतंत्र रूप से लिया गया और बोर्ड की नीतियों के तहत ही इसकी मंजूरी दी गई थी।
इस खुलासे से स्पष्ट है कि अमेरिकी बीमा कंपनियों का अदाणी समूह में भरोसा बढ़ रहा है, जबकि एलआईसी के निवेश पर विवाद का आधार गलत साबित हुआ है।





