धनतेरस 2025: देशभर में सोने-चांदी का व्यापार ₹50,000 करोड़ पार करने का अनुमान

ब्रोकरेज हाउसेस और विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल धनतेरस और दिवाली से पहले ही सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी बनी हुई है।
पिछले साल धनतेरस पर सोने की कीमतें ₹78,000–₹79,000 प्रति 10 ग्राम थी। इसके बाद सोने ने लगभग 60% का उल्लेखनीय रिटर्न दिया, जो निफ्टी-50 के रिटर्न से बेहतर रहा।
सोने की कीमतों में तेजी के कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में तेजी के मुख्य कारण हैं:
- केंद्रीय बैंकों की बड़ी खरीदारी
- बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता
- ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से सर्राफा की लोकप्रियता बढ़ना
एक्सिस सिक्योरिटी ने कहा कि निवेशकों को हर गिरावट पर सोने में खरीदारी का अवसर मानना चाहिए। अगर कीमत ₹1.05 लाख से ₹1.15 लाख प्रति 10 ग्राम के बीच आती है, तो निवेश का सही समय है।
पिछले साल की बिक्री और रुझान
रिपोर्ट के अनुसार, धनतेरस 2024 पर लगभग 25–30 टन सोने की बिक्री हुई। ऊँची कीमतों के बावजूद उपभोक्ताओं का रुझान हल्के वजन के गहनों और सिक्कों की ओर रहा।
दूसरी तिमाही 2025 में आभूषणों की मांग में साल-दर-साल 17% की गिरावट आई, जबकि अन्य निवेश विकल्पों में रुचि बढ़ी।
पिछले पांच साल में सोने का रिटर्न
- 2020-21: 5%
- 2021-22: 10%
- 2022-23: 20%
- 2023-24: 30%
- 2024-25: 60%
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल धनतेरस से इस साल धनतेरस तक सोने की कीमतों में 65% उछाल आया है।





