राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला विधान परिषद में गरमाया, सपा का कार्यस्थगन प्रस्ताव खारिज; सदन की कार्यवाही हुई बाधित

उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मानसून सत्र के पहले दिन श्रीराम मंदिर के दानपात्र से कथित चढ़ावा चोरी का मामला सदन में जोरदार तरीके से गूंजा। समाजवादी पार्टी ने नियम-105 के तहत कार्यस्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए सरकार को घेरा और नारेबाजी की। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी विपक्ष का विरोध जारी रहा। इस बीच नेता सदन एवं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने शोर-शराबे के बीच सरकार का पक्ष रखा। बाद में सभापति ने सपा का कार्यस्थगन प्रस्ताव अस्वीकार करते हुए मामले को आगे की कार्रवाई के लिए सरकार को संदर्भित कर दिया, जिसके बाद सदन की कार्यवाही सामान्य हुई।
केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि “जिन्होंने एक पैसा भी चंदा नहीं दिया, वे चंदा चोरी की बात कर रहे हैं।” उन्होंने सपा और कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि आने वाले समय में “सपा पर हनुमान जी की गदा चलेगी।”
वहीं, समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट के दानपात्र से हुई कथित चोरी वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला है। विपक्ष का कहना था कि पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं रही और निष्पक्ष जांच की जरूरत है। इसी मुद्दे को लेकर सपा सदस्य वेल में उतरकर लगातार नारेबाजी करते रहे।
सत्र के दौरान अन्य मुद्दे भी उठे। सदस्य राज बहादुर सिंह चंदेल ने शिक्षक नेताओं, कर्मचारियों और सेवानिवृत्त शिक्षकों को निशुल्क एवं कैशलेस चिकित्सा योजना में शामिल करने की मांग की। इस पर नेता सदन ने उनकी मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया।





