बेल्जियम की अदालत ने चोकसी की जमानत याचिका खारिज की, सीबीआई ने दिए ये तर्क

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 6300 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी मामले में भारत में वांछित भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी की जमानत याचिका बेल्जियम की एक अपीलीय अदालत ने फिर खारिज कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि यह याचिका अदालत में उसके प्रत्यर्पण पर सुनवाई से ठीक पहले खारिज की गई है।

 

अधिकारियों के अनुसार, अदालत ने सीबीआई की ओर से बेल्जियम में अभियोजन पक्ष को दिए गए ठोस कारणों के आधार पर अपील को खारिज कर दिया। चोकसी कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए पहले भी कई न्यायालयों में अपील दायर कर चुका है। सीबीआई की ओर से अदालत को बताया गया कि यदि उसे जमानत पर रिहा किया गया तो वह किसी अन्य देश भाग सकता है।

सीबीआई ने बताया कि उनकी ओर से भेजे गए प्रत्यर्पण अनुरोध के आधार पर चोकसी को अप्रैल में बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि बेल्जियम की कोर्ट ऑफ कैसेशन द्वारा उनकी पूर्व जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई थी। उन्होंने बताया कि चोकसी ने 22 अगस्त को एक और जमानत याचिका दायर की थी और घर पर ही नजरबंद रहने की पेशकश की थी, लेकिन अपीलीय अदालत ने इस सप्ताह के शुरू में इसे खारिज कर दिया।

गीतांजलि समूह के मालिक 66 वर्षीय चोकसी के प्रत्यर्पण मामले में बहस सितंबर के मध्य में बेल्जियम की एक अदालत में होगी। सीबीआई बेल्जियम अभियोजन पक्ष को उसके खिलाफ मामलों में मुकदमे का सामना करने के लिए उसे भारत वापस भेजने के लिए एक मजबूत मामला बनाने में सहायता करेगी।

उन्होंने बताया कि चोकसी और उसका भतीजा नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक में 13000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में वांछित हैं। यह धोखाधड़ी उन्होंने मुंबई की ब्रैडी हाउस शाखा के कुछ बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके कथित तौर पर फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के जरिए की थी।

Related Articles

Back to top button