कसमंडी विवादित ढांचे पर फिर गरमाया माहौल, सावन में जल चढ़ाने की कोशिश; सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

सावन के पहले सोमवार को लखनऊ के मलिहाबाद स्थित कसमंडी कलां का विवादित ढांचा एक बार फिर चर्चा में आ गया। लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी अपने समर्थकों के साथ विवादित स्थल पर जलाभिषेक करने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें पहले ही रोक दिया। स्थिति को देखते हुए पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा।

जानकारी के अनुसार, सूरज पासी अपने समर्थकों के साथ 108 गांवों से एकत्रित जल और पवित्र मिट्टी लेकर दोपहर करीब 12 बजे विवादित स्थल की ओर बढ़े थे। पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें विवादित परिसर से करीब 200 मीटर पहले ही रोक दिया। इसके विरोध में कार्यकर्ता बैरिकेडिंग के सामने धरने पर बैठ गए।

मौके पर मौजूद एसीपी मलिहाबाद ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें विवादित स्थल की ओर जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद सूरज पासी ने बैरिकेडिंग के सामने ही सांकेतिक जलाभिषेक किया और करीब आधे घंटे बाद समर्थकों के साथ वापस लौट गए।

गौरतलब है कि कसमंडी कलां में स्थित प्राचीन किले और मस्जिद-कब्रिस्तान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। पासी समाज का दावा है कि यह स्थल उनके पूर्वजों का ऐतिहासिक किला और शिव मंदिर था, जबकि दूसरा पक्ष इसे सरकारी अभिलेखों में दर्ज मस्जिद और मकबरा बताता है।

इससे पहले भी लाखन आर्मी ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर विवादित ढांचे की कार्बन डेटिंग कराने और ऐतिहासिक तथ्यों की जांच की मांग की थी। प्रशासन ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।

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