अहमदाबाद प्लेन क्रैश की बरसी: कई परिवारों ने छोड़ी हवाई यात्रा, मनोवैज्ञानिक मदद का सहारा

अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 दुर्घटना को एक साल पूरा हो गया है, लेकिन इस भयावह हादसे की यादें आज भी लोगों के दिलों और दिमाग में ताजा हैं। 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट टेक-ऑफ के तुरंत बाद मेघानीनगर स्थित बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में विमान में सवार 241 यात्रियों और जमीन पर मौजूद 19 लोगों समेत कुल 260 लोगों की मौत हो गई थी। केवल एक यात्री जीवित बचा था।
हादसे के एक साल बाद भी दुर्घटनास्थल पर त्रासदी के निशान मौजूद हैं। बीजे मेडिकल कॉलेज हॉस्टल परिसर में कई हिस्सों की मरम्मत हो चुकी है, लेकिन जले हुए वाहनों का मलबा और हादसे की भयावह यादें अब भी लोगों को झकझोर देती हैं।
पीड़ित परिवार आज भी गहरे सदमे से उबर नहीं पाए हैं। कई लोग हवाई यात्रा करने से डरते हैं, जबकि कुछ मानसिक आघात से निकलने के लिए काउंसलिंग का सहारा ले रहे हैं। हादसे में बेटे को खोने वाले रफीक अरब बताते हैं कि अब विमान की आवाज सुनकर भी डर लगने लगता है। वहीं, माता-पिता को खोने वाली मुक्ति वंसदिया को लंबे समय तक डिप्रेशन और काउंसलिंग का सामना करना पड़ा।
हादसे के चश्मदीद और राहत-बचाव कार्य में शामिल अधिकारियों व कर्मियों के लिए भी यह घटना आज तक भुला पाना मुश्किल है। बचावकर्मियों ने बताया कि दुर्घटनास्थल पर आग और गर्मी इतनी भीषण थी कि कई बार उनके जूते तक पिघल गए। फोरेंसिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने इसे अपने करियर की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बताया।
एक साल बाद भी जब कोई विमान दुर्घटनास्थल के ऊपर से गुजरता है, तो स्थानीय लोग कुछ पल के लिए सहम जाते हैं। AI-171 हादसा आज भी अहमदाबाद और पूरे देश के लिए एक ऐसी त्रासदी है, जिसके जख्म पूरी तरह नहीं भर पाए हैं।





