धार्मिक आस्था को ठेस का आरोप, पुलिस ने जांच टीम गठित कर शुरू की पड़ताल

कोटा शहर के शॉपिंग सेंटर स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर में शिव परिवार की प्रतिमाएं खंडित मिलने पर रविवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता जुट गए और बाजार बंद कराने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
बजरंग दल का धरना, सड़क जाम
प्रतिमा खंडित होने की खबर मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता मंदिर के बाहर धरने पर बैठ गए, जिससे सड़क जाम हो गई। कार्यकर्ता आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
बुजुर्ग महिला फूट-फूटकर रोईं
नियमित पूजा के लिए आने वाली बुजुर्ग श्रद्धालु संतोष शर्मा मंदिर की हालत देखकर टूट गईं। वह प्रतिमाओं के आगे फूट-फूटकर रोने लगीं और घोषणा की—
“जब तक कार्रवाई नहीं होगी, मैं अन्न-जल ग्रहण नहीं करूंगी।”
प्रतिमाएं तोड़ीं, पोशाकें जलाईं
स्थानीय व्यापारियों ने आरोप लगाया कि असामाजिक तत्वों ने पहले मूर्तियों में तोड़फोड़ की और फिर उन पर चढ़ी पोशाकें भी जला दीं। घटना के बाद मंदिर को कपड़े से ढक दिया गया है।
पुलिस और विधायक मौके पर पहुंचे
सूचना पर एडिशनल एसपी दिलीप सैनी, अन्य अधिकारी और कोटा दक्षिण से बीजेपी विधायक संदीप शर्मा मौके पर पहुंचे। शर्मा ने कहा कि पुलिस के अनुसार बीते दो-तीन दिनों से एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति मंदिर के आसपास देखा गया है।
उन्होंने मांग की—
“उसे तत्काल गिरफ्तार कर पूछताछ की जाए, ताकि पता चल सके यह घटना साजिश है या षड्यंत्र।”
स्थानीय लोगों ने भी धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने वाली इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।





