मां के जाने के बाद भी नहीं मानी हार, पैरा एथलीट रिंकू हुड्डा ने गोल्ड जीतकर बढ़ाया देश का मान; पीएम मोदी ने थपथपाई पीठ

एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत के भाला फेंक खिलाड़ी रिंकू हुड्डा ने गोल्ड मेडल जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। उनकी इस उपलब्धि के पीछे संघर्ष और हौसले की एक भावुक कहानी भी है। प्रतियोगिता से महज दो महीने पहले रिंकू की मां का निधन हो गया था, लेकिन उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पैरा एशियन गेम्स के पदक विजेताओं से मुलाकात के दौरान रिंकू के जज्बे की विशेष रूप से सराहना की।
मां की तस्वीर को समर्पित किया गोल्ड मेडल
नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रिंकू हुड्डा के संघर्ष का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एशियन पैरा गेम्स से दो महीने पहले रिंकू ने अपनी मां को खो दिया था। इतने बड़े दुख के बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी मां को समर्पित किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वर्ण पदक जीतने के बाद रिंकू ने अपनी मां की तस्वीर हाथ में लेकर उन्हें यह उपलब्धि समर्पित की। यह भावुक पल देशवासियों के दिलों को छू गया।
आठ अगस्त को हुआ था मां का निधन
रिंकू हुड्डा की मां का निधन आठ अगस्त को हुआ था। इस घटना के बाद उनके लिए खेल की तैयारियों पर ध्यान देना आसान नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा और एशियन पैरा गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया।
गोल्ड जीतने के बाद मां की तस्वीर के साथ उनका भावुक अंदाज चर्चा का विषय बना। प्रधानमंत्री मोदी ने भी उनके इस साहस और समर्पण की जमकर तारीफ की।
पीएम मोदी ने खेल व्यवस्था में बदलाव का किया जिक्र
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि 2014 के बाद देश में खेलों को लेकर नई सोच विकसित हुई है। सरकार ने युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ाने और खेल व्यवस्था में सुधार करने पर विशेष ध्यान दिया है।
उन्होंने कहा कि पहले कई अभिभावक संसाधनों की कमी और व्यवस्था की चुनौतियों के कारण बच्चों को खेलों में आगे बढ़ाने से हिचकिचाते थे। लेकिन अब प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भरोसा है कि देश उनके साथ खड़ा है।
खिलाड़ियों को दी आगे बढ़ने की प्रेरणा
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह खिलाड़ियों ने मुश्किल परिस्थितियों में हार नहीं मानी, उसी तरह देश ने भी अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। उन्होंने पैरा एथलीटों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां युवाओं के लिए प्रेरणा हैं।
रिंकू हुड्डा की उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी मजबूत इच्छाशक्ति और मेहनत के दम पर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।





