रामलीला मैदान में राहुल गांधी का बड़ा आरोप, ज्ञानेश कुमार को लेकर मोदी और शाह पर किया तीखा प्रहार

दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया ब्लॉक की रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा पर वोट चोरी और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के आरोप लगाए। राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद से हटाया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा।

‘संविधान से बड़ा कोई नहीं’

रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल या नेता की आवाज नहीं है, बल्कि देश के युवाओं, किसानों और मजदूरों की आवाज है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट है।

राहुल गांधी ने अमित शाह और ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लेते हुए कहा कि किसी के पास कितनी भी ताकत या पैसा क्यों न हो, वह संविधान से बड़ा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र को खत्म करने और संविधान को कमजोर करने की कोशिशों का विरोध किया जाएगा।

राहुल गांधी ने लगाए वोट चोरी के आरोप

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि देश के कई राज्यों में चुनाव के दौरान वोट चोरी हुई है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक का जिक्र करते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

राहुल गांधी ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में बदलाव के कारण बड़ी संख्या में लोगों के मतदान के अधिकार प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्ष के बीच वोट प्रतिशत का अंतर कम था। ऐसे में मतदाता सूची में कथित बदलावों को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं। राहुल गांधी ने इन आरोपों के आधार पर चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।

‘ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाएगा’

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

कांग्रेस नेता ने कहा कि मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा मामला सामान्य अनियमितता नहीं है, बल्कि लोकतंत्र में नागरिकों की आवाज से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा ने देश की कई संस्थाओं पर अपना प्रभाव बढ़ाया है।

हालांकि, राहुल गांधी की ओर से लगाए गए वोट चोरी और संस्थाओं पर कब्जे के आरोप उनके राजनीतिक संबोधन का हिस्सा हैं। इन आरोपों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

अंबानी-अदाणी का नाम लेकर सरकार को घेरा

राहुल गांधी ने देश की आर्थिक व्यवस्था को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की संपत्ति कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों के हाथों में केंद्रित होती जा रही है।

उन्होंने उद्योगपति गौतम अदाणी का नाम लेते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, हवाई अड्डों, रेलवे और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में कुछ बड़े कारोबारी समूहों का प्रभाव बढ़ रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि देश की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें किसानों, मजदूरों और युवाओं को भी समान अवसर और अधिकार मिलें।

उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े उद्योगपतियों को कर्ज में राहत मिल जाती है, जबकि छोटे किसानों और मजदूरों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

‘मोदी और शाह के खिलाफ भी होगी कार्रवाई’

कांग्रेस नेता ने कहा कि कथित वोट चोरी और अन्य आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी जवाब देना होगा। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष इस मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग करेगा।

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह या ज्ञानेश कुमार से व्यक्तिगत नफरत नहीं करते, लेकिन उनके अनुसार संविधान और लोकतंत्र पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक विरोध का रास्ता हिंसा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक और कानूनी कार्रवाई होना चाहिए।

‘हमें मोहब्बत और भाईचारा चाहिए’

रैली के दौरान राहुल गांधी ने देश में सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि धर्म, जाति या समुदाय से ऊपर उठकर हर नागरिक की आवाज की रक्षा करना जरूरी है।

महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि समाज के सबसे कमजोर और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में नफरत का माहौल बढ़ रहा है और इसके बजाय मोहब्बत तथा भाईचारे को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

राहुल गांधी ने कहा कि इंडिया ब्लॉक की रैली किसी एक पार्टी या नेता का कार्यक्रम नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए उठाई गई सामूहिक आवाज है।

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