यूपी शिक्षक भर्ती विवाद: 69 हजार पदों पर एक अंक का मामला, सरकार के जवाब के बाद अब अगली सुनवाई पर नजर

उत्तर प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़ा एक अंक का विवाद एक बार फिर चर्चा में है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में बृहस्पतिवार को इस मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि कोर्ट के निर्देश पर मांगा गया जवाबी हलफनामा दाखिल कर दिया गया है। इसके बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को सरकार के जवाब पर प्रतिउत्तर दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया। मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी।
12 अभ्यर्थियों ने दाखिल की है याचिका
इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ कर रही है। रामजी मिश्र समेत 12 अभ्यर्थियों ने याचिका दाखिल कर भर्ती प्रक्रिया में एक अंक से जुड़े विवाद को उठाया है।
याचियों का कहना है कि संबंधित मामले में 2,249 अभ्यर्थियों में से मेरिट के आधार पर चयन किया जाना था। इसके बावजूद, उनके अनुसार, 7 मई 2026 को केवल एक अभ्यर्थी विवेक कुमार सिंह को ही नियुक्ति दी गई।
सरकार ने कोर्ट में दाखिल किया जवाबी हलफनामा
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि मामले में मांगा गया जवाबी हलफनामा रजिस्ट्री अनुभाग में दाखिल किया जा चुका है। इसके बाद अदालत ने याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता को सरकार के जवाब पर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया।
कोर्ट ने प्रतिउत्तर शपथपत्र दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय निर्धारित किया है। अब याचिकाकर्ताओं की ओर से जवाब दाखिल किए जाने के बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी।
19 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 नवंबर की तारीख तय की है। अब इस मामले में याचियों के प्रतिउत्तर और सुनवाई के दौरान सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी।
फिलहाल, अदालत ने भर्ती विवाद पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। अगली सुनवाई में मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया बढ़ने की उम्मीद है।





