अनुराग डोभाल फिर विवादों में, मारपीट, धमकी और डेटा चोरी के आरोपों पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

मशहूर यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अनुराग डोभाल उर्फ यूके-07 राइडर की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। देहरादून के रायपुर थाने में अनुराग डोभाल और उनके पांच-छह साथियों के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने, निजी डिजिटल डेटा हासिल करने और सामान ले जाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता ने क्या आरोप लगाए?
शिकायतकर्ता आयुष थपलियाल के मुताबिक, घटना 3 अक्टूबर 2026 की रात करीब आठ बजे विवेक विहार, नकरौंदा स्थित उनके घर पर हुई। आरोप है कि अनुराग डोभाल अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। शिकायतकर्ता ने बाल खींचने और थप्पड़ मारने का भी आरोप लगाया है।
आयुष का दावा है कि इस दौरान उनके एक साथी ने हाथ पकड़ लिए, जबकि दूसरे ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया। शिकायत में हथियार दिखाकर डराने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है।
मोबाइल अनलॉक कराकर निजी डेटा लेने का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, परिवार की सुरक्षा को लेकर डर के कारण उन्हें अपना मोबाइल फोन अनलॉक करना पड़ा। आरोप है कि इसके बाद फोन से निजी तस्वीरें, वीडियो, संपर्क सूची और सोशल मीडिया से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली गई।
आयुष ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अपनी बात के मुताबिक वीडियो रिकॉर्ड करने और उसे इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड करने के लिए मजबूर किया गया। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
सामान ले जाने का भी आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान जाते समय आरोपी ब्लूटूथ हेडसेट, रे-बैन धूप का चश्मा, एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव और आईफोन का मूल चार्जर भी अपने साथ ले गए। शिकायतकर्ता ने इन सामानों को ले जाने का आरोप लगाया है।
पहले से भी एक मामले में जेल में हैं अनुराग डोभाल
रिपोर्ट के मुताबिक, अनुराग डोभाल और उनके तीन साथी मारपीट तथा अपहरण के प्रयास से जुड़े एक अन्य मामले में पहले से जेल में बंद हैं। उस मामले में उनकी जमानत याचिका भी खारिज होने की जानकारी दी गई है। अब नया मुकदमा दर्ज होने के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
रायपुर थाना प्रभारी संजीत कुमार के अनुसार, शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले से जुड़े आरोपों और घटनाक्रम की जांच कर रही है।
ध्यान दें: इस मामले में मारपीट, धमकी, निजी डेटा हासिल करने और सामान ले जाने से जुड़े आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और आरोपियों की भूमिका का निर्धारण जांच के बाद ही होगा।





