दिल्ली में इलेक्ट्रिक परिवहन को बढ़ावा: CM रेखा ने शुरू कीं 150 बसें, 5 चार्जिंग स्टेशन जनता को समर्पित

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने और सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सरकार ने नई पहल की है। मंगलवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 150 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने आनंद विहार में प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की समीक्षा भी की।

150 नई इलेक्ट्रिक बसें परिवहन बेड़े में शामिल

दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से 150 नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू की गई हैं। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने इन बसों को हरी झंडी दिखाई। सरकार का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल से वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी और यात्रियों को परिवहन का स्वच्छ विकल्प मिलेगा।

पांच जगहों पर ईवी चार्जिंग स्टेशनों का उद्घाटन

इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली में पांच अलग-अलग स्थानों पर नए ईवी चार्जिंग स्टेशनों का उद्घाटन किया गया। इन स्टेशनों के शुरू होने से इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने की सुविधा बढ़ेगी। साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।

6,800 बसों तक पहुंचा इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा

नई बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा लगभग 6,800 तक पहुंच गया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में इसे बढ़ाकर 14,000 बसों तक ले जाना है। इस विस्तार से सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों की हिस्सेदारी बढ़ाने और पर्यावरण के अनुकूल यातायात व्यवस्था विकसित करने की योजना है।

प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की समीक्षा

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने आनंद विहार में प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े उपायों की समीक्षा की। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और राजधानी में वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।

दिल्ली में वायु प्रदूषण लंबे समय से एक गंभीर समस्या बना हुआ है। ऐसे में इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार और चार्जिंग सुविधाओं को मजबूत करना स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम है। हालांकि, प्रदूषण में वास्तविक कमी का आकलन करने के लिए इन उपायों के प्रभाव और वायु गुणवत्ता में होने वाले बदलावों पर नजर रखना जरूरी होगा।

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