यूपी में 72 घंटे से बारिश का दौर जारी, 58 की गई जान; आज भी भारी बारिश की चेतावनी

Vउत्तर प्रदेश में पिछले 72 घंटे से जारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। तराई, बुंदेलखंड समेत कई इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव, मकान ढहने और पेड़ व बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। शनिवार शाम तक बारिश से जुड़े हादसों में प्रदेशभर में 58 लोगों की मौत की सूचना है।

मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत और बरेली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, तराई के नौ अन्य जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। इस दौरान प्रदेश के 27 जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

कई जिलों में रिकॉर्ड बारिश

शनिवार को लखीमपुर खीरी में सबसे अधिक 342 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सीतापुर में 273.2, बांदा में 245.6 और बहराइच में 239 मिलीमीटर बारिश हुई। बांदा और हमीरपुर में एक दिन की बारिश का रिकॉर्ड टूट गया। कानपुर में भी 45 साल का रिकॉर्ड टूटा और 175.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

हादसों में 58 लोगों की मौत

लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर कच्चे मकान ढह गए और पेड़ व बिजली के खंभे गिरने से रास्ते बाधित हुए। बारिश से हुए अलग-अलग हादसों में सबसे अधिक 26 मौतें अवध क्षेत्र में हुईं। सीतापुर में छह, बहराइच में पांच, बलरामपुर और अयोध्या में चार-चार तथा बाराबंकी में तीन लोगों की मौत हुई।

इसके अलावा लखीमपुर खीरी में छह, गोरखपुर में पांच, हरदोई में चार और हमीरपुर में तीन लोगों की जान गई। अन्य कई जिलों में भी बारिश से जुड़े हादसों में मौतें दर्ज की गई हैं।

लखनऊ में जलभराव से जनजीवन प्रभावित

राजधानी लखनऊ में लगातार बारिश से कई सड़कें जलमग्न हो गईं। फैजुल्लागंज, जानकीपुरम, इंदिरानगर, अलीगंज और गोमतीनगर समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति रही। कई जगहों पर पानी घरों तक पहुंच गया।

नगर निगम के अनुसार, शहर में 125 से अधिक पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं। रेलवे ट्रैक पर पानी भरने के कारण लखनऊ मंडल के कई रेलखंडों पर ट्रेनों की गति भी कम करनी पड़ी।

छह उड़ानें दिल्ली डायवर्ट

भारी बारिश और कम दृश्यता के चलते शुक्रवार रात लखनऊ एयरपोर्ट आने वाली छह उड़ानों को दिल्ली और नोएडा डायवर्ट करना पड़ा। शनिवार सुबह सभी विमान वापस लखनऊ लौट आए।

प्रशासन अलर्ट, राहत दल सक्रिय

भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन और राहत-बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिलाधिकारियों को प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए गए हैं।

नेपाल में हो रही भारी बारिश के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए भी प्रशासन को सतर्क किया गया है। अधिकारियों को नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर राहत-बचाव दलों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं।

117 मकान क्षतिग्रस्त

पिछले 48 घंटों में अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। प्रशासन को प्रभावित परिवारों का सर्वे कर नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। कच्चे मकानों के आसपास जलभराव की स्थिति पर विशेष निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को कहा गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।

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