बघाड़ू में मुस्लिम मतदाता 430 से बढ़कर 902 हुए, पनौरा में 359 से 496; प्रशासन कर रहा बदलाव के कारणों की जांच

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के दो जनजाति बहुल गांवों बघाड़ू और पनौरा में 2003 से 2026 के बीच मतदाता आंकड़ों में बदलाव सामने आया है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जारी 2026 की मतदाता सूची के आंकड़ों के अनुसार, बघाड़ू में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 430 से बढ़कर 902 हो गई है। वहीं, पनौरा में भी मुस्लिम मतदाताओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।
बघाड़ू में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 110 फीसदी बढ़ी
वर्ष 2003 में बघाड़ू में कुल 3,292 मतदाता दर्ज थे। इनमें 430 मुस्लिम और 2,894 हिंदू मतदाता थे। 2026 की मतदाता सूची में कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 4,523 हो गई।
इस दौरान मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 430 से बढ़कर 902 हो गई, यानी 472 मतदाताओं की वृद्धि दर्ज हुई। प्रतिशत के लिहाज से यह करीब 110 फीसदी है। इसके मुकाबले हिंदू मतदाताओं की संख्या में 29 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
पनौरा में भी मुस्लिम मतदाताओं की संख्या बढ़ी
रॉबर्ट्सगंज तहसील क्षेत्र के पनौरा गांव में भी मतदाता आंकड़ों में बदलाव सामने आया है। 2003 में यहां कुल 739 मतदाता थे, जिनमें 359 मुस्लिम और 380 हिंदू मतदाता शामिल थे।
2026 के आंकड़ों के अनुसार, 23 वर्षों में कुल मतदाताओं की संख्या में 160 की वृद्धि हुई। इनमें 137 की बढ़ोतरी मुस्लिम मतदाताओं की संख्या में हुई, जबकि हिंदू मतदाताओं की संख्या 23 बढ़ी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पनौरा में मुस्लिम मतदाताओं की वृद्धि 32.6 फीसदी रही।
जमीन और बसावट से जुड़े मामलों का भी जिक्र
रिपोर्ट में बघाड़ू में आदिवासी जमीन की खरीद और बाहरी परिवारों की बसावट से जुड़े आरोपों का उल्लेख किया गया है। पनौरा में भी पट्टे और सर्वे से जुड़े मामलों के जरिए कुछ लोगों को बसाए जाने का दावा किया गया है। इन दावों की परिस्थितियों और इनके मतदाता आंकड़ों पर प्रभाव को लेकर प्रशासन की ओर से जांच की बात कही गई है।
भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता ने मतदाता आंकड़ों में बदलाव के पीछे ‘लैंड जेहाद’ को कारण बताया है। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को अधिकारियों के सामने उठाते रहे हैं और मामले की जांच की मांग कर रहे हैं। यह उनका आरोप है।
प्रशासन ने क्या कहा?
सोनभद्र के जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि बघाड़ू में जमीन से जुड़े जिन मामलों में गलत तरीके से जमीन हथियाने की शिकायतें सामने आई थीं, उनमें प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा चुकी है। पनौरा के मामले में आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि दोनों ग्राम पंचायतों की जनसांख्यिकीय स्थिति में बदलाव के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





