सीईओ की तलाश पूरी: सर्च कमेटी ने तीन नामों का पैनल सौंपा, आज अंतिम नाम पर मुहर लगाएगा ट्रस्ट

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन की प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंच गई है। सीईओ चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने मंगलवार को अपनी अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी।
कमेटी ने चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद सीईओ पद के लिए तीन नामों का पैनल तैयार किया है। अब ट्रस्ट इन नामों पर विचार कर किसी एक उम्मीदवार के नाम पर अंतिम फैसला करेगा। दो सितंबर को प्रस्तावित ट्रस्ट की अहम बैठक में सीईओ के नाम पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है।
5585 आवेदन मिले
सीईओ के चयन के लिए शुरू हुई प्रक्रिया में कुल 5585 आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदनों की स्क्रीनिंग के लिए कमेटी ने पात्रता, अनुभव और अन्य मानकों के आधार पर 600 अंकों का मूल्यांकन फॉर्म तैयार किया था।
इस प्रक्रिया में 3577 आवेदकों ने हिस्सा लिया। स्क्रीनिंग के बाद 470 या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले 108 उम्मीदवारों को अगले चरण के लिए चुना गया। इन उम्मीदवारों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बातचीत की गई।
16 उम्मीदवारों का हुआ आमने-सामने इंटरव्यू
करीब चार दिन चली प्रक्रिया के बाद 17 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। अंतिम चरण के लिए सभी को अयोध्या बुलाया गया। इनमें से एक उम्मीदवार व्यक्तिगत कारणों से नहीं आ सका।
इसके बाद 16 उम्मीदवारों का दो दिन तक आमने-सामने इंटरव्यू हुआ। अनुभव, विजन, कार्यक्षमता और संबंधित विषयों की समझ समेत विभिन्न पहलुओं के आकलन के बाद कमेटी ने तीन सबसे उपयुक्त उम्मीदवारों का पैनल तैयार किया।
सर्च कमेटी ने मंगलवार को यही रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी। रिपोर्ट में तीन नामों के साथ चयन प्रक्रिया से जुड़ी सिफारिशें भी शामिल होने की जानकारी है।
बढ़ते श्रद्धालुओं के बीच पूर्णकालिक सीईओ की जरूरत
राम मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या, मंदिर परिसर के विस्तार, निर्माण कार्यों, श्रद्धालु सुविधाओं, सुरक्षा, वित्तीय प्रबंधन और रोजमर्रा की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को देखते हुए पूर्णकालिक सीईओ की जरूरत महसूस की गई है।
सीईओ मंदिर की प्रशासनिक और प्रबंधकीय व्यवस्थाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरी के अनुसार, विश्व प्रसिद्ध राम मंदिर के बेहतर प्रबंधन के लिए सक्षम सीईओ की आवश्यकता महसूस की गई थी। इसी उद्देश्य से विशेषज्ञों की मदद से चयन प्रक्रिया शुरू की गई।
दो सितंबर की बैठक पर टिकी निगाहें
सीईओ चयन की लंबी प्रक्रिया अब अंतिम पड़ाव पर है। दो सितंबर को प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक में सर्च कमेटी की रिपोर्ट पर चर्चा होगी।
ट्रस्ट की सहमति बनने पर इसी बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक सीईओ के नाम की घोषणा की जा सकती है।
ऐसे पूरी हुई चयन प्रक्रिया
- 6 जुलाई 2026: चयन समिति का गठन
- 11 जुलाई: पहली बैठक में चयन प्रक्रिया और पात्रता मानदंड तय
- 14 जुलाई: समीर पंडा कमेटी के सचिव नियुक्त
- 18 जुलाई: आवेदन प्रक्रिया बंद
- जुलाई के शेष दिन: आवेदनों की समीक्षा और मूल्यांकन
- 3-6 अगस्त: ऑनलाइन संवाद प्रक्रिया
- 11-12 अगस्त: अयोध्या में अंतिम 16 प्रत्याशियों से प्रत्यक्ष संवाद
- 1 सितंबर: सर्च कमेटी ने तीन नामों का पैनल न्यास को सौंपा





