Gold Price Today: सोने में लगातार गिरावट से खरीदार खुश, जानिए अभी खरीदें या कुछ दिन करें इंतजार

सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। शुक्रवार को भी सोना तीसरे कारोबारी सत्र में कमजोर रहा और एक ही दिन में 3,300 रुपये टूट गया। इसके साथ ही तीन दिनों के भीतर सोने की कीमत में कुल 4,700 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। लगातार बढ़ती कीमतों के बाद आई इस बड़ी गिरावट ने खरीदारों के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह सोना खरीदने का सही समय है या कीमतों में अभी और गिरावट का इंतजार करना चाहिए।

राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना शुक्रवार को 3,300 रुपये सस्ता होकर 1,62,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को इसका भाव 1,65,700 रुपये प्रति 10 ग्राम था। वहीं, 25 अगस्त को सोने की कीमत 1,67,100 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई थी। यानी केवल तीन कारोबारी सत्रों में सोने का भाव 4,700 रुपये यानी करीब तीन फीसदी तक टूट चुका है।

डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली से बढ़ा दबाव

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के दिनों में सोने की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला था। इसके बाद निवेशकों और कारोबारियों की ओर से मुनाफावसूली शुरू हो गई, जिसका असर लगातार तीसरे दिन घरेलू बाजार पर दिखाई दिया। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने भी सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ाया।

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग प्रभावित हो सकती है। आमतौर पर डॉलर मजबूत होने पर अन्य मुद्राओं के निवेशकों के लिए सोना महंगा पड़ता है, जिससे इसकी कीमतों पर दबाव बन सकता है। यही वजह है कि घरेलू बाजार में भी सोने की चमक फिलहाल फीकी पड़ती नजर आ रही है।

चांदी भी 5,000 रुपये सस्ती

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। घरेलू बाजार में चांदी 5,000 रुपये टूटकर 2,45,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव 2,50,500 रुपये प्रति किलोग्राम था।

हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का रुख अलग देखने को मिला और हाजिर चांदी में तेजी दर्ज की गई। ऐसे में सोने और चांदी के घरेलू तथा वैश्विक बाजारों में अलग-अलग परिस्थितियों का असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर नजर

विदेशी बाजार में हाजिर सोना करीब 4,600 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता नजर आया। अब निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श के भाषण और अमेरिकी मौद्रिक नीति से जुड़े संकेतों पर टिकी हुई है।

अगर फेड की ओर से सख्त रुख के संकेत मिलते हैं और अमेरिकी डॉलर मजबूत बना रहता है, तो सोने की कीमतों पर आगे भी दबाव बना रह सकता है। दूसरी ओर, यदि डॉलर कमजोर पड़ता है या बाजार को ब्याज दरों और महंगाई को लेकर राहत के संकेत मिलते हैं, तो सोने की कीमतों को फिर से सहारा मिल सकता है।

खरीदारी का सही वक्त या करना चाहिए इंतजार?

तीन दिनों में 4,700 रुपये की गिरावट के बाद सोने की खरीदारी करने वालों के लिए कीमतें पहले की तुलना में जरूर आकर्षक हुई हैं। हालांकि बाजार में अभी भी उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है। ऐसे में विशेषज्ञों के आकलन के अनुसार, पूरी रकम एक साथ लगाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करना अपेक्षाकृत सुरक्षित रणनीति हो सकती है।

यानी जिन लोगों को शादी, त्योहार या अन्य जरूरी काम के लिए जल्द सोना खरीदना है, वे गिरावट का फायदा उठाते हुए थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खरीदारी पर विचार कर सकते हैं। वहीं, जिनकी खरीदारी की कोई तत्काल जरूरत नहीं है, वे डॉलर की चाल और अंतरराष्ट्रीय बाजार के अगले संकेतों का इंतजार कर सकते हैं।

फिलहाल बाजार की नजर अमेरिका से आने वाले आर्थिक संकेतों और फेडरल रिजर्व की आगे की नीति पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में डॉलर की मजबूती या कमजोरी के आधार पर सोने की कीमतों में फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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